गढ़वा में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: घर के अहाते में हो रही थी गांजा की खेती, पुलिस ने नष्ट किए 1800 पौधे
गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले से नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी कामयाबी की खबर सामने आ रही है। जिले के रमना थाना क्षेत्र के बुल्का गांव स्थित गजनिया टोला में पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध गांजा की खेती का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) को मिली बेहद सटीक और गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में लगभग 300 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध रूप से लहलहा रही गांजा की पूरी फसल को उजाड़ कर नष्ट कर दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के दौरान प्रशासन ने कुल 1800 गांजे के पौधे उखाड़े, जिनका कुल वजन 118 किलोग्राम आंका गया है। इस कार्रवाई से इलाके के मादक पदार्थों के तस्करों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, गढ़वा एसपी को खुफिया जानकारी मिली थी कि बुल्का गांव के गजनिया टोला का रहने वाला संजय यादव अपने एक सुनसान और अर्धनिर्मित मकान के परिसर (बाउंड्री) का इस्तेमाल बेहद खतरनाक काम के लिए कर रहा है। वह कानून की नजरों से बचकर वहां बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित गांजा के पौधे उगा रहा है। सूचना के पुख्ता होते ही बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया गया। रमना अंचलाधिकारी (सीओ) विकास पांडेय और रमना थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से गजनिया टोला में लक्षित स्थान पर धावा बोल दिया। जब अधिकारी मकान के भीतर दाखिल हुए, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। पूरे परिसर में भारी संख्या में गांजा के हरे-भरे कमर्शियल पौधे लगे हुए थे। छापेमारी दल ने तुरंत पूरे परिसर की घेराबंदी की और बारीकी से निरीक्षण करने के बाद मजदूरों की मदद से सभी 1800 पौधों को जड़ से उखाड़ना शुरू किया। जब्त किए गए इन पौधों का वजन करने पर यह 118 किलोग्राम पाया गया, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इसके बाद, वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी वैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए, उखाड़े गए पौधों को मौके पर ही आग के हवाले कर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, ताकि तस्कर इसका किसी भी रूप में दोबारा दुरुपयोग न कर सकें। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस ने रमना थाने में आधिकारिक रूप से सनहा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब मुख्य आरोपी संजय यादव के साथ-साथ इस पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगाल रही है। इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे किन अंतराज्यीय तस्करों का हाथ है, इसकी फंडिंग कहां से हो रही थी और तैयार माल को कहां खपाया जाना था। पुलिस को शक है कि इस रैकेट में स्थानीय स्तर पर कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतेंद्र सिंह ने बताया, "हमें सूचना मिली थी कि बुल्का गांव में करीब 300 वर्ग मीटर के दायरे में गांजा के पौधे लगाए गए हैं। सूचना पर तुरंत मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अवैध फसल को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। एसडीपीओ ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि गढ़वा जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती, बिक्री और तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी या सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा।