झारखंड विजन 2050: दिल्ली में सजेगा हेमंत सरकार का महामंच, देश-विदेश के दिग्गज तय करेंगे राज्य की तरक्की का रोडमैप

Jharkhand Vision 2050: Hemant government to host a grand platform in Delhi; stalwarts from India and abroad to chart the roadmap for the state's progress.

झारखंड को विकास के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने और 'विजन 2050' के दीर्घकालिक लक्ष्यों को धरातल पर उतारने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। आगामी 8 और 9 जुलाई 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में दो दिवसीय "राष्ट्रीय परामर्श सम्मेलन (नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन)" का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आईटी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम का आधिकारिक आमंत्रण सौंपा। इस दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी भी उपस्थित रहे।

विश्व आर्थिक मंच (दावोस) में झारखंड की ऐतिहासिक मौजूदगी से मिले सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाते हुए इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। राज्य की कोर थीम "एक्सप्लोर इंफिनाइट अपॉर्चुनिटीज" (असीमित संभावनाओं की खोज) को साकार करने के उद्देश्य से देश-विदेश के कई बड़े नीति निर्धारक, कॉर्पोरेट लीडर्स, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ दिल्ली में जुटेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस महामंथन में झारखंड के औद्योगिक, तकनीकी और पर्यटन विकास की नई रूपरेखा खींची जाएगी। बदलते वैश्विक परिवेश के अनुरूप झारखंड को ढालने के लिए सरकार उद्योग जगत के हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) से सीधे सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित करेगी। इसके लिए तीनों प्रमुख विभागों से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी नीतियों का प्रारूप (कांसेप्ट पेपर) जारी किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। झारखंड एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पॉलिसी,झारखंड निवेश प्रोत्साहन पॉलिसी,झारखंड पर्यटन पॉलिसी,झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी,जेआईएडीए नियम और पीपीपी पॉलिसी यह आयोजन झारखंड में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, औद्योगिक विकास और पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल राज्य का आर्थिक कायाकल्प होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, कार्यक्रम के पहले दिन का पहला सत्र 'डिजिटल गवर्नेंस और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर' पर केंद्रित रहेगा। इसमें देश के शीर्ष आईटी विशेषज्ञ झारखंड में आधुनिक आईटी पार्क्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद सरकार और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सीधी वन-टू-वन बातचीत होगी। पहले दिन का समापन 'झारखंड में एआई: भविष्य को आकार देना' सत्र के साथ होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति के प्रारूप पर चर्चा होगी और आईटी विभाग एवं दिग्गज टेक कंपनियों के बीच कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। दूसरे दिन के सत्रों में 'इन्वेस्टमेंट, इन्क्लूसिव डेवलपमेंट और टूरिज्म' पर फोकस रहेगा। निवेशकों के सामने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 'औद्योगिक प्रोत्साहन और निवेश' पर विशेष चर्चा होगी, जिसमें नए उद्योगों की स्थापना और जेआईएडीए नियमों को सरल बनाने पर बात होगी। इस सत्र के बाद सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आएगा, जहां राज्य के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक घरानों के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किए जाएंगे। साथ ही, झारखंड सरकार की नई दूरदर्शी नीतियों के ड्राफ्ट और नए डिजिटल पोर्टल्स का आधिकारिक शुभारंभ भी किया जाएगा। कारोबारी बैठकों के बाद इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन झारखंड की समृद्ध और जीवंत लोक संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें राज्य के पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला की झलक से देश-विदेश से आए गणमान्य व्यक्तियों और उद्योगपतियों को रूबरू कराया जाएगा।