उत्तराखण्ड: इंतजार खत्म! टिहरी झील में सी-प्लेन की सफल लैंडिंग, पर्यटन को लगेंगे नए पंख

Uttarakhand: The wait is over! A seaplane successfully lands in Tehri Lake, giving tourism a boost.

टिहरी। लंबे इंतजार के बाद टिहरी बांध की झील में सी-प्लेन (जल विमान) उतारने की कवायद मंगलवार को आखिरकार रंग लाई। स्काई हॉप प्राइवेट लिमिटेड का सी-प्लेन जौलीग्रांट एयरपोर्ट से टेकऑफ कर शाम करीब 5:30 बजे टिहरी झील के कोटी कालोनी क्षेत्र में सफलतापूर्वक लैंड कर गया। कंपनी की ओर से झील में दो बार लैंडिंग और टेकऑफ का सफल ट्रायल किया गया, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटन विभाग उत्साहित हो उठा है। सुबह से ही इस ऐतिहासिक ट्रायल की तैयारियां जोरों पर थीं। पर्यटन विभाग और पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके में चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। शुरू में सुबह 9 बजे और फिर दोपहर 12 बजे लैंडिंग का समय तय किया गया था, लेकिन मौसम और तकनीकी कारणों से समय बार-बार बदला। आखिरकार शाम 5:30 बजे सी-प्लेन झील की सतह पर सुकून से उतरा। वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने तालियां बजाकर इस सफलता का स्वागत किया। स्काई हॉप प्राइवेट लिमिटेड की टीम ने बताया कि पहले कई प्रयास तकनीकी दिक्कतों के कारण अधर में रह गए थे, लेकिन मंगलवार को सभी चुनौतियों पर काबू पाते हुए ट्रायल सफल रहा। कंपनी के अनुसार, बुधवार और बृहस्पतिवार को भी टिहरी झील में दोबारा लैंडिंग-टेकऑफ का ट्रायल किया जाएगा, ताकि सभी पहलुओं का पूरी तरह परीक्षण हो सके। टिहरी जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आज और कल भी ट्रायल जारी रहेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सी-प्लेन सेवा शुरू होने पर बोटिंग गतिविधियां प्रभावित न हों। इसके लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएंगी। डीएम ने यह भी उम्मीद जताई कि टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा शुरू होने से क्षेत्र का पर्यटन और अधिक मजबूत होगा। टिहरी बांध की विशाल झील को सी-प्लेन के लिए आदर्श माना जा रहा है। यदि नियमित सेवा शुरू हुई तो पर्यटक जौलीग्रांट या अन्य एयरपोर्ट से सीधे टिहरी पहुंच सकेंगे, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इससे न केवल टिहरी बल्कि पूरे गढ़वाल क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने की संभावना है। पहले ऋषिकेश के गंगा बैराज पर भी सी-प्लेन के सफल ट्रायल हो चुके हैं, जिसके बाद टिहरी को अगला बड़ा डेस्टिनेशन बनाया जा रहा है।
स्थानीय लोग इस विकास से काफी उत्साहित हैं। एक स्थानीय पर्यटन व्यवसायी ने कहा कि टिहरी झील में सी-प्लेन की लैंडिंग देखना सपने के सच होने जैसा है। अब पर्यटक हेलीकॉप्टर और बोट के अलावा एक नया रोमांचक विकल्प पाएंगे। उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। टिहरी के अलावा नैनीताल और अन्य झीलों पर भी इस सेवा को विस्तार देने की योजना है। यदि सभी ट्रायल सफल रहे तो जल्द ही टिहरी से नियमित सी-प्लेन उड़ानें शुरू हो सकती हैं, जो राज्य को एडवेंचर और इको-टूरिज्म का नया हब बना देगी।
यह सफल ट्रायल उत्तराखंड में जल-हवाई परिवहन की नई शुरुआत साबित हो सकता है। अब नजरें बुधवार और बृहस्पतिवार के ट्रायल पर टिकी हैं, जिनके बाद डीजीसीए की मंजूरी और वाणिज्यिक संचालन की राह साफ हो सकेगी।