उत्तराखण्डः चंपावत में इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर की संदिग्ध मौत से हड़कंप! रुद्रपुर-काशीपुर में गैस सप्लाई ठप
चंपावत। चंपावत जिले में इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई। बताया जाता है कि मैनेजर लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उनकी मौत के बाद तमाम जगहों पर गैस एजेंसियों के कर्मचारियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिसके चलते आज रुद्रपुर-काशीपुर में गैस का वितरण नहीं हुआ। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार मैनेजर दयाल सिंह रावत पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में बताए जा रहे थे। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। रुद्रपुर स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर पूरे दिन ताला लटका रहा और गैस सिलेंडर का वितरण पूरी तरह बंद रहा। एजेंसी के बाहर एक सूचना पत्र चस्पा किया गया है, जिसमें साफ तौर पर लिखा था कि मैनेजर की मृत्यु के कारण कार्यालय बंद रहेगा। सुबह से ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने पहुंचे, लेकिन एजेंसी बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। कई लोगों ने इस अचानक बंदी को लेकर नाराजगी भी जताई। वहीं काशीपुर में भी इंडेन गैस कार्यालय के बाहर बोर्ड लगाकर सप्लाई बंद होने की सूचना दी गई, जिससे क्षेत्र में गैस संकट की स्थिति बन गई है।
घटना को लेकर मैनेजर दयाल सिंह रावत के साले राजेन्द्र सिंह बोरा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन शाम तक वह पूरी तरह सामान्य थे और पारिवारिक कार्यों में व्यस्त थे। शाम करीब 6ः30 बजे उन्होंने फोन कर बताया कि वे जिला अस्पताल में भर्ती अपने मामाजी को डिस्चार्ज करवा रहे हैं, जिनका हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। परिजनों के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने अपने मामाजी को सुरक्षित घर पहुंचा दिया था। लेकिन इसके लगभग एक घंटे बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और तुरंत अस्पताल ले जाने को कहा। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है। राजेन्द्र सिंह बोरा ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या अटकलें न लगाई जाएं। उन्होंने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।