उत्तराखंड में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ा कदमः गृहमंत्री शाह ने लॉन्च की ई-जीरो एफआईआर प्रणाली! 1930 नंबर पर कॉल कर कहीं से भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत, अल्मोड़ा में दर्ज हुई पहली एफआईआर
हरिद्वार। धामी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर सेवा का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर गृहमंत्री शाह ने ई जीरो एफआईआर प्रणाली का डिजिटल बटन दबाकर शुभारंभ किया। शाह ने बताया कि उत्तराखंड में इस प्रणाली से 1930 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर से ई जीरो एफआईआर दर्ज की जा सकती है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले में दर्ज पहली ई जीरो एफआईआर की कॉपी भी केंद्रीय गृहमंत्री शाह को भी भेंट की। इसके साथ ही गृहमंत्री शाह ने उत्तराखंड पुलिस में नई भर्ती के पांच आरक्षियों को औपचारिक रूप नियुक्ति पत्र सौंपे। नई भर्ती में करीब 2000 आरक्षी भर्ती किए गए हैं। वहीं सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत लौटे पांच हिंदुओं को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किया गए।
कैसे दर्ज कराएं ई-जीरो एफआईआर
भारत में साइबर अपराधों को रिपोर्ट करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) के तहत शुरू की गई सेवा है। एनसीआरपी पोर्टल या फिर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज हो जाती है। इस सेवा के जरिए बिना पुलिस स्टेशन जाए पीड़ित व्यक्ति कहीं से भी रिपोर्ट करवा सकते हैं। ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद 3 दिनों के भीतर इसे नियमित एफआईआर में बदला जाता है। बता दें कि सबसे पहले ये सुविधा दिल्ली में शुरू की गई है। अब उत्तराखंड में इस सेवा का आरंभ हुआ है। हालांकि 10 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी केस में ई-जीरो एफआईआर करवा सकते हैं।