उत्तराखण्डः हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कांवड़ लेकर निकलीं खेल मंत्री रेखा आर्या! हरकी पैड़ी से शुरू की 22 किमी पैदल यात्रा

Uttarakhand: Sports Minister Rekha Arya sets out with the *Kanwar* amidst chants of "Har-Har Mahadev"! She began a 22-km foot journey from Har Ki Pauri.

हरिद्वार। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य ने सोमवार को हरकी पैड़ी से कांवड़ यात्रा शुरू की। इस बार उनकी कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ देश के खेल भविष्य से जुड़े दो बड़े संकल्पों को समर्पित है। रेखा आर्य ने वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने और देश को विश्व की खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की कामना के साथ कांवड़ उठाई। यात्रा शुरू करने से पहले खेल मंत्री ने अपने पति के साथ हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। गंगा को नमन करने के बाद उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद जयघोष के बीच कांवड़ लेकर पैदल ऋषिकेश के लिए रवाना हुईं। उनकी यात्रा करीब 22 किलोमीटर की होगी। ऋषिकेश पहुंचने के बाद वह वीरभद्र मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगी। कांवड़ यात्रा में कई खेल प्रेमी भी शामिल हुए। सुबह-सवेरे हरकी पैड़ी से शुरू हुई यात्रा के दौरान भोलेनाथ के भक्ति गीत और जयकारे गूंजते रहे। यात्रा में मौजूद लोगों ने खेल मंत्री के संकल्प का समर्थन करते हुए भारत के ओलंपिक अभियान और खेलों में देश की उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं। रेखा आर्य ने कहा कि इस बार उनकी कांवड़ यात्रा के पीछे दो महत्वपूर्ण संकल्प हैं। पहला संकल्प वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की सफल मेजबानी भारत को मिले और देश इन खेलों का सफल आयोजन करे। दूसरा संकल्प भारत को खेल के क्षेत्र में विश्व की खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से दोनों संकल्प अवश्य पूरे होंगे। खेल मंत्री के मुताबिक भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और मजबूत खेल संस्कृति उपलब्ध कराने की है। उन्होंने देश के युवाओं को खेलों से जोड़ने और भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही। रेखा आर्य की कांवड़ यात्रा के दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी महाराज समेत कई साधु-संत मौजूद रहे। संतों ने खेल मंत्री की आस्था और उनके संकल्प की सराहना की और यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि खेलों के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि रेखा आर्य के दोनों संकल्प पूर्ण हों और भारत खेल जगत में नई ऊंचाइयों को हासिल करे। 

एक साल पहले भी की थी पैदल कांवड़ यात्रा 
रेखा आर्य इससे पहले भी पैदल कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। करीब एक साल पहले उन्होंने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल 22 किलोमीटर की दूरी तय की थी और ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। पिछली कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संकल्प लिया था। इस बार उन्होंने देश के खेल भविष्य से जुड़े दो संकल्पों के साथ कांवड़ यात्रा शुरू की है। इस यात्रा में उनके पति भी उनके साथ हैं।