Aug 25, 2026 Login

उत्तराखण्डः आउटसोर्स कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन मामले में वन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी समेत दो अधिकारियों को नोटिस! 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई

Uttarakhand: Notices issued to two officials, including the Principal Secretary of the Forest Department, regarding the issue of 'equal pay for equal work' for outsourced employees! Next hearing on O

नैनीताल। आउटसोर्स कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य लाभ दिए जाने की मांग से जुड़े मामले में अवमानना ​​याचिका में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आरके सुधांशु और कपिल लाल को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तिथि नियत की गई है। 19 मार्च 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इस मामले में आदेश देते हुए याचिकाकर्ताओं को दो सप्ताह के भीतर अपना रिप्रेजेंटेशन संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष देने और सक्षम प्राधिकारी को तीन महीने के भीतर उस पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। बता दें कि अर्जुन सिंह एंड अदर्स का कहना है कि वे वर्ष 2014-15 से लगातार वन विभाग में काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि 16 अगस्त 2017 के शासनादेश में विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार किए जाने का प्रावधान किया गया था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, वन विभाग में सीधे नियुक्त कर्मचारियों को अधिक वेतन और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि समान काम करने के बावजूद आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को कम वेतन और कम लाभ मिल रहे हैं। समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने की मांग की थी। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने 26 मार्च को अपना रिप्रेजेंटेशन दाखिल किया। इसकी तीन महीने की निर्धारित अवधि 2 जुलाई 2026 को पूरी हो गई, लेकिन इसके बावजूद रिप्रेजेंटेशन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद 10 में से 9 याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में कंटेम्प्ट पिटीशन दाखिल की। अब कंटेम्प्ट पिटीशन में अधिकारियों को नोटिस जारी होने के बाद मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को नियत की गई है।