नैनीताल:हाई कोर्ट ने चार अवमानना याचिकाएं की बंद, याचिकाकर्ताओं को नए सिरे से कोर्ट जाने की छूट
नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने रिट कोर्ट के आदेश के अनुपालन से जुड़े चार अवमानना मामलों को बंद कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित प्राधिकारी की ओर से उनके प्रत्यावेदन खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने के लिए नई रिट याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने 18 अगस्त को पारित किया।
मामले में प्रेम सिंह, चंदन सिंह तंगानिया, हरि प्रकाश और मनोज कुमार कांडपाल की ओर से अलग-अलग अवमानना याचिकाएं दाखिल की गई थीं। चारों मामलों में प्रतिवादी रंजन कुमार मिश्रा थे।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिट कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को जो आदेश पारित किया था, उसका अनुपालन करते हुए याचिकाकर्ताओं के प्रत्यावेदन पर निर्णय ले लिया गया है। हालांकि, संबंधित प्राधिकारी ने प्रत्यावेदन खारिज कर दिया। प्रतिवादी पक्ष ने इसी आधार पर कहा कि अब अवमानना याचिकाएं निष्प्रभावी हो चुकी हैं।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि संबंधित रिट याचिकाओं में 30 अक्टूबर 2025 और 6 जून 2026 को आदेश पारित किए गए थे। इन आदेशों को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया और उनकी प्रतियां याचिकाकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई गईं।
प्रतिवादी पक्ष ने कहा कि सभी मामलों में अलग-अलग प्राधिकारियों ने आदेश पारित किए हैं, लेकिन रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन हो चुका है। इस पर हाई कोर्ट ने चारों अवमानना याचिकाओं को बंद कर दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक डालाकोटी उपस्थित रहे।
हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत का रास्ता खुला रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रत्यावेदन खारिज किए जाने के आदेश से असंतुष्ट याचिकाकर्ता उसे चुनौती देने के लिए नई रिट याचिका दाखिल कर सकते हैं।