Oct 05, 2026 Login
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मदरसा शिक्षा में 'उत्तराखंड मॉडल' देश भर में होगा लागू! केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बड़ा एलान

'Uttarakhand Model' of Madrasa education to be implemented nationwide! Major announcement by Union Minister Kiren Rijiju.

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा लागू किया गया 'अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम' अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी नजीर बनने जा रहा है। देहरादून में आयोजित लोक संवर्धन पर्व में शिरकत करने पहुंचे केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बड़े फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार का यह ऐतिहासिक कदम अन्य राज्यों में भी दोहराया (रिप्लीकेट) जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार तुष्टिकरण की राजनीति नहीं, बल्कि सबको न्याय और समान शिक्षा देने की विचारधारा पर काम कर रही है।

उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कड़ा फैसला लेते हुए अरबिया मदरसों को मिलने वाले सरकारी अनुदान की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। नए नियमों के तहत, उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड से पंजीकृत सभी 452 मदरसों और अल्पसंख्यक स्कूलों को अब न सिर्फ उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड बल्कि 'उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' से भी अनिवार्य रूप से मान्यता लेनी होगी। इसके बिना राज्य में किसी भी मदरसे का संचालन नहीं किया जा सकेगा। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू होने के बाद अब प्रदेश के मदरसों की सूरत बदलने वाली है। नए नियमों के अनुसार अब मदरसों में दोहरी पाली में पढ़ाई कराई जाएगी, जिसका खाका बेहद आधुनिक रखा गया है। इस शिफ्ट में बच्चों को आधुनिक और मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे। इस शिफ्ट में पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को भारत का संविधान, मानवाधिकार, राष्ट्रीय एकता और नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाएगा। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जो मदरसे शिक्षा विभाग के तय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे, वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राज्य शिक्षा बोर्ड  का आधिकारिक प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इससे अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के लिए भविष्य में नौकरियों और उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस क्रांतिकारी अधिनियम के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "विपक्ष के लोग भी सीएम धामी को दिल से गाली नहीं देते हैं। राजनीतिक पार्टियां होने के कारण चुनाव और राजनीति में विरोध में बोलना उनकी मजबूरी है। लेकिन धामी जी ने जो अच्छा काम किया है, उसे हर कोई अपनाना चाहेगा। जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि क्या इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि वह देश भर में इसे लागू करने की औपचारिक घोषणा अभी नहीं कर सकते, लेकिन यह तय है कि इस मॉडल को अन्य राज्य भी अपने यहाँ दोहराएंगे। भले ही कुछ सामाजिक संगठन इस पर सवाल उठा रहे हों, लेकिन सरकार का मानना है कि 50 हजार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।