Oct 26, 2026 Login
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उत्तराखण्डः भराड़ीसैंण में कल से शुरू होगा विधानसभा सत्र! सदन से सड़क तक हंगामे के आसार, अभेद किले में तब्दील हुआ गैरसैंण

Uttarakhand: Legislative Assembly session to begin tomorrow in Bhararisain! Uproar expected both inside the House and on the streets; Gairsain transformed into an impregnable fortress.

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में कल मंगलवार से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, जिसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का सत्र बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं। जहां एक ओर सदन के भीतर विपक्ष राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की पुख्ता रणनीति बना चुका है, वहीं सदन के बाहर सड़क पर भी जबर्दस्त राजनीतिक उबाल देखने को मिलेगा। पहले ही दिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विधानसभा घेराव का ऐलान कर सरकार के सामने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि सचिवालय स्तर पर सत्र के सुचारू संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन के भीतर सभी विधायकों को जनसमस्याएं और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का समुचित अवसर मिलेगा। इस सत्र के दौरान 31 विधायकों द्वारा विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 445 सवाल लगाए गए हैं, जिनका जवाब मंत्रियों को सदन के पटल पर देना होगा। जनहित, विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं से जुड़े इन सवालों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होना तय माना जा रहा है। सदन के भीतर सवालों की बौछार और बाहर विभिन्न संगठनों के उग्र प्रदर्शनों के ऐलान को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। आंदोलनकारियों को विधानसभा भवन के समीप पहुंचने से रोकने के लिए दीवालीखाल (मुख्य प्रवेश द्वार), दुकमुतासैंण, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग जैसे रणनीतिक एवं संवेदनशील मार्गों पर कड़ा सुरक्षा पहरा बैठाया गया है। इन सभी स्थानों पर लोहे के ऊंचे और मजबूत गेट तथा कंटीले तारों की बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।  सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि विधानसभा सत्र लोकतंत्र का पवित्र पर्व है और इसे शांतिपूर्ण व निर्बाध रूप से संपन्न कराना पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को 5 सुपर जोन तथा 13 सेक्टरों में बांटा गया है। हर जोन और सेक्टर की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 1500 पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की गई है। इस सुरक्षा चक्र में सिविल पुलिस, आर्म्ड पुलिस, ट्रैफिक विंग, पीएसी, एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड), डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं।