Oct 27, 2026 Login
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उत्तराखण्डः अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर उठे सवाल! कांग्रेस ने बताया साजिश, गरमाई सियासत

Uttarakhand: Questions raised over the timing of actress Urmila Sanawar’s arrest; Congress calls it a conspiracy, political temperature rises.

देहरादून। अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार पुलिस ने रंगदारी और जान से मारने की धमकी के आरोप में गिरफ्तार किया है। सहारनपुर स्थित आवास से पकड़े जाने के बाद रात में ही पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस इस कार्रवाई को त्वरित कानूनी प्रक्रिया बता रही है, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में जहां लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं, वहीं सियासत भी गरमाती हुई नजर आ रही है। पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पुत्री दीपिका राठौर ने 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर सोशल मीडिया पर मानहानिकारक टिप्पणियां कर रही हैं और व्हाट्सएप कॉल के जरिए आचार्य धाम व रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम करने तथा 5 करोड़ रुपये देने की मांग कर रही हैं। मांग पूरी न होने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। एसएसपी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने रविवार को सहारनपुर के गोविंद नगर स्थित आवास पर दबिश देकर उर्मिला को दबोच लिया। मौके से मोबाइल फोन और घर के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी जब्त की गई है।

गिरफ्तारी की टाइमिंग पर खड़े हुए सवाल
इस गिरफ्तारी को लेकर सबसे बड़ा सवाल उस समय उठा है, जब उर्मिला लगातार कई संवेदनशील दावे कर रही थीं। हाल ही में उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया था कि एक वायरल ऑडियो क्लिप को फर्जी साबित करने और मामले को दबाने के एवज में उन्हें 50 करोड़ रुपये व विदेश जाने का प्रलोभन दिया गया था। उन्होंने खुद के लाइव नार्को टेस्ट की मांग रखी थी और दावा किया था कि ऑडियो की फॉरेंसिक पुष्टि हो चुकी है। उर्मिला ने सत्ता पक्ष के प्रभावशाली लोगों द्वारा राज्य सरकार को अस्थिर करने की अंदरूनी साजिश का भी आरोप लगाया था और मुख्यमंत्री से मिलकर गोपनीय तथ्य साझा करने की बात कही थी। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्रवाई की टाइमिंग पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस का कहना है कि जिस रफ्तार से रात में शिकायत दर्ज हुई और तत्काल दूसरे राज्य जाकर गिरफ्तारी की गई, वह निष्पक्ष जांच नहीं बल्कि किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करती है। विपक्ष ने अंकिता केस के शुरुआती दिनों में वनंत्रा रिसॉर्ट पर चले बुलडोजर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई के सामने अहम तथ्य और गवाह के आने से पहले ही उन्हें खामोश करने की कोशिश की जा रही है। आलोक शर्मा ने कहा कि इस गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर कई बड़े सवाल उठ रहे हैं। किस समय, किन धाराओं के तहत और कहां शिकायत दर्ज कराई गई और फिर अचानक गिरफ्तारी हो गई। ये सभी बातें अपने आप में कई सवाल खड़े करती हैं।