उत्तराखण्डः आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और समान कार्य समान वेतन का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं होने और समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने से जुड़ा मामला सामने आया है। मामले में दो याचिकाकर्ताओं ने अदालत का रुख किया है, जो वर्ष 2005, 2010 और 2015 से अलग-अलग विभागों में ड्राइवर और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अब तक न्यूनतम वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा करीब 16 महीने के वेतन का भुगतान भी नहीं हुआ है। कर्मचारियों की ओर से आज हाईकोर्ट के समक्ष वेतन संबंधी समस्याओं को रखा गया और उन्हें राहत दिए जाने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कुंदन सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखंड मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए समानता के आधार पर राहत की मांग की गई। याचिका में कहा गया है कि उपनल के माध्यम से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान, नियमितीकरण और डीए अलाउंस सहित जिन लाभों का दावा किया गया है, समान कार्य करने वाले अन्य आउटसोर्स एजेंसियों के कर्मचारियों को भी समान आधार पर इन लाभों का फायदा मिलना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से वेतन भुगतान और समान कार्य के लिए समान वेतन सहित अन्य लाभ दिए जाने के संबंध में उचित राहत प्रदान करने की मांग की है।