Sep 10, 2026 Login

पंतनगर एयरपोर्ट पर 'विमान अपहरण' की मॉक ड्रिल: फुल इमरजेंसी घोषित होते ही अलर्ट पर आईं एजेंसियां, सुरक्षा तैयारियों का हुआ लाइव टेस्ट

'Aircraft Hijack' Mock Drill at Pantnagar Airport: Agencies on alert as full emergency is declared; live test of security preparedness conducted.

पंतनगर। ऊधम सिंह नगर के पंतनगर हवाई अड्डे पर बुधवार को नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के तहत एक हाई-लेवल विमानन अपहरण संबंधी मॉक एक्सरसाइज का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विमान अपहरण जैसी किसी भी आकस्मिक और अत्यंत गंभीर आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों, राज्य पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता, आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था और रिस्पॉन्स टाइम का धरातल पर परीक्षण करना था।

पंतनगर हवाई अड्डे पर उस समय आपात स्थिति जैसे हालात पैदा हो गए, जब विमान अपहरण की काल्पनिक सूचना के बाद एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। हालांकि यह वास्तविक घटना नहीं, बल्कि विमान अपहरण जैसी गंभीर आपात स्थिति से निपटने के लिए आयोजित मॉक एक्सरसाइज थी। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और विभागों ने अपनी तैयारियों को परखा। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आकस्मिक स्थिति में विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, आपसी समन्वय, संचार व्यवस्था, प्रतिक्रिया समय तथा निर्धारित जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन का परीक्षण करना था। काल्पनिक अपहरण की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियों की टीमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्रिय हो गईं और घटना स्थल पर पहुंचकर अपने-अपने दायित्व संभाले। अभ्यास के दौरान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, एटीएस, फायर सर्विस और मेडिकल टीमों ने सक्रिय भागीदारी की। जिला प्रशासन/डीडीएमए की ओर से जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उमाशंकर नेगी, राज्य पुलिस की ओर से एसपी सिटी रुद्रपुर उत्तम सिंह नेगी ने अभ्यास में सहभागिता की। इसके अलावा आसूचना ब्यूरो के सहायक निदेशक अनूप पाण्डेय, स्थानीय अभिसूचना इकाई  के निरीक्षक देवराज नव्याल, आतंकवाद निरोधक दस्ते के एएसआई नरेन्द्र सिंह और पंतनगर थाने के थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत भी मॉक एक्सरसाइज में शामिल रहे। फायर सर्विस की टीम का नेतृत्व प्रभारी गणेश बिष्ट ने किया। आपात स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों को भी परखा गया। जिला अस्पताल की मेडिकल टीम से डॉ. सुधीर गुप्ता और जीबी पंत विश्वविद्यालय की मेडिकल टीम से डॉ. त्रिपाठी ने सहभागिता की। इसके साथ ही मध्यस्थ एवं भाषाविद् टीम, मनोचिकित्सक तथा अन्य विशेषज्ञों ने भी अभ्यास में अपनी भूमिका निभाई। मॉक एक्सरसाइज के दौरान सभी टीमों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाएँ के अनुसार कार्रवाई की। काल्पनिक संकट की स्थिति को नियंत्रित करने, यात्रियों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान का अभ्यास किया गया। इस दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, ऑपरेशनल टीम, एयरलाइंस और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के बीच भी समन्वय की स्थिति परखी गई। अभ्यास के बाद विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों और प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की गई तथा आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर मंथन किया गया। मॉक ड्रिल ने यह भी परखा कि वास्तविक आपात स्थिति में अलग-अलग विभाग कितनी तेजी से एक साथ सक्रिय होकर यात्रियों की सुरक्षा और स्थिति नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार ऐसे अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को समय रहते पहचानने और वास्तविक संकट के दौरान बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।