Sep 10, 2026 Login

उत्तराखण्डः बिना सरकारी अनुमति और लाइसेंस चल रही आरा मशीनों के मामलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई! वन विभाग के मुखिया को दिए निर्देश, याचिका निस्तारित

Uttarakhand: High Court hears case regarding sawmills operating without government permission or licenses; directives issued to the Forest Department chief, and the petition disposed of.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार सहित अन्य जगहों पर अवैध रूप से संचालित हो रही आरा मशीनों के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए वन विभाग के मुखिया को निर्देश देते हुए कहा है कि उनके प्रत्यावेदन को नियमों के तहत निस्तारित करें। जिसमें आरा मशीन मालिकों का पक्ष भी सुना जाय। बता दें कि हरिद्वार निवासी समाजिक कार्यकर्ता मनु राठी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश देकर कहा था कि बिना सरकार की अनुमति के आरा मशीने संचालित नहीं होंगी। इसके लिए सरकार ने वर्ष 2024 में नियमावली भी बनाई। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हरिद्वार सहित कई अन्य जगहों पर बिना लाइसेंस के आरा मशीनें चल रही हैं। जबकि नियमों के मुताबिक इनके संचालन के लिए लाइसेंस लेना आवश्यक है और तीन लाख की फीस जमा करनी आवश्यक है। अवैध रूप से चल रही मशीनों के द्वारा राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों को बंद करने के आदेश सरकार को दिया जाय।