उत्तराखण्डः देवर-भाभी की घिनौनी करतूत! छात्रा को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

Uttarakhand: Heinous act by brother-in-law and sister-in-law! Allegation of rape after drugging a female student; case registered following court order.

हरिद्वार। हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक 19 वर्षीय छात्रा द्वारा एक युवक और उसकी भाभी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का आरोप है कि उसे कथित रूप से बेहोश कर उसके साथ यौन शोषण किया गया, आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया गया तथा उस पर जबरन शादी करने का दबाव भी बनाया गया। छात्रा का यह भी आरोप है कि आरोपी युवक की भाभी ने पूरे घटनाक्रम में उसका साथ दिया। मामले में पहले पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का दावा करते हुए छात्रा ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर ज्वालापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान कुछ समय पहले पांवधोई क्षेत्र की रहने वाली एक महिला से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और महिला ने उसे अपने घर बुलाना शुरू कर दिया। छात्रा का आरोप है कि इसी दौरान महिला ने उस पर अपने देवर उवेश से दोस्ती करने का दबाव बनाया। जब उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो महिला ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका मोबाइल नंबर अपने देवर को दे दिया। आरोप है कि इसके बाद युवक लगातार फोन करने लगा और स्कूल के बाहर पहुंचकर भी दोस्ती करने का दबाव बनाने लगा। छात्रा का कहना है कि विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 16 मार्च को बोर्ड परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकलने के बाद आरोपी युवक ने कथित तौर पर उसे धमकाकर जबरन बाइक पर बैठा लिया और अपनी भाभी के घर ले गया। छात्रा का आरोप है कि वहां उसे पानी पिलाया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। छात्रा का कहना है कि होश आने पर उसे अपने साथ यौन शोषण होने का पता चला। उसने आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बनाए गए। बाद में इन्हीं फोटो और वीडियो के आधार पर उसे बदनाम करने और जान से मरवाने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर किया गया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी बाद में उसे रोशनाबाद ले गया, जहां कथित तौर पर उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और एक वीडियो भी बनवाया गया। इसके बाद उस पर शादी करने का दबाव बनाया गया। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने विरोध किया तो उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की मांग की गई। छात्रा का कहना है कि उसने पहले पुलिस से शिकायत करने का प्रयास किया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले के सभी आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।