उत्तराखण्डः फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह का भंडाफोड़! एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, बाहरी राज्यों से लाइसेंस बनवाकर प्रदेश में करा रहे थे रजिस्ट्रेशन
देहरादून। राजधानी देहरादून में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। उत्तराखंड एसटीएफ ने बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में रजिस्टर्ड कराने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित यादव के रूप में हुई है, जो देहरादून स्थित हुमनत रेजिडेंसी का निवासी बताया जा रहा है। एसटीएफ ने उसके कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करवाता था और फर्जी एनओसी के आधार पर उन्हें उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करवा देता था। इस तरह के लाइसेंस का इस्तेमाल आगे आपराधिक गतिविधियों में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ अब पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुट गई है। एसटीएफ की टीम इससे पहले भी इसी तरह के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। उस दौरान एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ एक अवैध सैमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से काम कर रहा था। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों के अपराधी किस्म के लोग फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में अपने लाइसेंस दर्ज करा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर उत्तराखंड एसटीएफ ने थाना क्लेमेनटाउन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश तेज की गई। जांच के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून समेत मेरठ और पंजाब के विभिन्न जिलों से पत्राचार कर जानकारी जुटाई गई। जांच में एक लाइसेंस का रिकॉर्ड अमृतसर, पंजाब से ट्रांसफर होकर वर्ष 2017 में देहरादून की शस्त्र पंजिका में दर्ज होना पाया गया। हालांकि गहन पड़ताल में सामने आया कि ऐसा कोई लाइसेंस अमृतसर से जारी ही नहीं हुआ था, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।
लक्खड़ मंडी से हुई गिरफ्तारी, जांच का दायरा बढ़ा
पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ टीम ने आरोपी अमित यादव को देहरादून के लक्खड़ मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि बड़े स्तर पर बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड के कई जिलों में दर्ज कराए गए हैं। एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी लाइसेंस धारकों की पहचान में जुटी है। साथ ही आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।