हाई अलर्ट पर उत्तराखण्ड की अदालतेंः हाईकोर्ट में धमकी भरा ईमेल मिलते ही मची अफरा-तफरी! कोर्ट रूम खाली कराया, दून कोर्ट को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की चेतावनी

Uttarakhand courts on high alert: A threatening email sent the High Court into a panic! Courtrooms evacuated, and Doon Court receives a bomb threat for the second consecutive day.

नैनीताल/देहरादून। उत्तराखण्ड में न्यायालयों को धमकी देने के मामले लगातार जारी हैं। इस बीच नैनीताल से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां जिला न्यायालय के बाद अब उत्तराखंड हाईकोर्ट को भी एक संदिग्ध मेल द्वारा बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए हाईकोर्ट भवन को पूरी तरह खाली करा लिया है। जानकारी के मुताबिक जैसे ही हाईकोर्ट प्रशासन को मेल द्वारा कोर्ट परिसर में संदिग्ध वस्तु या बम होने की जानकारी मिली, बिना देरी किए इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस के साथ ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी हाईकोर्ट पहुंच चुकी हैं। सुरक्षाकर्मी पूरे भवन के एक-एक कमरे, गैलरी और पार्किंग एरिया की गहनता से तलाशी ले रहे हैं। सुरक्षा कारणों से फिलहाल भवन के अंदर किसी के भी प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई। बता दें कि बीते दो दिन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग नैनीताल में एक ही तरह के दो संदिग्ध ईमेल अलग-अलग दिन प्राप्त हुए, इसमें धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट परिसर में पहुंची और डॉग स्क्वॉड की मदद से परिसर की तलाशी ली गई। कई घंटों तक चले इस अभियान में पुलिस ने अदालत भवन और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया, लेकिन जांच के दौरान कोई भी बम या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। वहीं आज गुरुवार को ऐसी ही एक मेल उत्तराखंड हाइकोर्ट में भी आई जिसके बाद हाईकोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल सभी कोर्ट रूम को खाली कराया गया और बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंची और सघन तलाशी की जा रही है।

इस बीच सर्च के बाद भी बिना परिचय-पत्र के किसी भी वकील को भीतर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। वहीं विभिन्न मामलों में अपनी सुनवाई के लिए पहुंच रहे याचिकाकर्ताओं को भी कोर्ट के बाहर गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। इनके अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। कोर्ट का कामकाज सुबह 11ः30 बजे से शुरू हो गया है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए निम्नलिखित निर्देश लागू किए गए हैं। बिना वैध कार्ड और पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। फिलहाल हाईकोर्ट प्रशासन और पुलिस ने वकील संगठनों के पदाधिकारियों से जांच प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करने की अपील की है। गेटों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

दून कोर्ट को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की चेतावनी
इधर दून जिला न्यायालय को आज फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया। जांच के लिए बम निरोधक दस्ता की टीम पहुंची है। बुधवार को भी दून कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला था। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड के साथ पुलिस ने परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया। बुधवार को भी जज, स्टाफ, अधिवक्ता समेत न्यायालय परिसर में मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे की इस भारी भरकम कसरत के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। इस दौरान कचहरी में कामकाज पूरी तरह बंद रहा।