उत्तराखण्डः चितई गोलू देवता के दरबार से कांग्रेस का चुनावी शंखनाद! न्याय यात्रा के जरिए धामी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
अल्मोड़ा। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चेबंदी तेज कर दी है। गुरुवार को चितई गोलू देवता मंदिर से शुरू हुई उत्तराखंड न्याय यात्रा के जरिए पार्टी ने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, भर्ती घोटालों और महिला अपराध के मुद्दों पर धामी सरकार को घेरने की शुरुआत की। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कांग्रेस नेताओं ने यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्टी इस यात्रा के जरिए जनमुद्दों को धार देने और भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश में जुटी है। यात्रा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस सह प्रभारी मनोज यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भुवन कापड़ी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चितई मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यात्रा धारानौला होते हुए चौघानपाटा पहुंची। यहां गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कोसी बाजार होते हुए रानीखेत की ओर रवाना हुए। नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस ने अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का संदेश दिया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई, महिला अपराध और जल, जंगल व जमीन से जुड़े सवालों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने राम मंदिर के चंदे और बदरीनाथ धाम में सोने व चंदे से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता परेशान है। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार को जनता के बीच जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। माहरा ने वोट चोरी के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। कांग्रेस की चार दिवसीय न्याय यात्रा कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। 22 अक्टूबर को अल्मोड़ा से शुरू हुई यात्रा रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगी। 23 अक्टूबर को हल्द्वानी से लालकुआं, किच्छा, सितारगंज और नानकमत्ता होते हुए यात्रा खटीमा जाएगी। 24 अक्टूबर को रुद्रपुर से गदरपुर और बाजपुर होते हुए यात्रा आगे बढ़ेगी। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ यात्रा का समापन होगा। कांग्रेस के लिए यह यात्रा सरकार को घेरने के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करने की कवायद के रूप में भी देखी जा रही है।