उत्तराखण्डः IFS साकेत बडोला का बड़ा फैसला, सेवानिवृत्ति से पहले लेंगे VRS! सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर बताई वजह
देहरादून। भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी साकेत बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने का फैसला किया है। प्रदेश के दो सबसे प्रतिष्ठित, कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक रह चुके बडोला के इस अचानक फैसले ने वन विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने इस निर्णय की सार्वजनिक जानकारी दी। सोशल मीडिया पोस्ट में साकेत बडोला ने लिखा कि वे पिछले कई महीनों से इस फैसले पर गंभीरता से विचार कर रहे थे और आखिरकार उन्होंने पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से सेवा से अलग होने का मन बनाया। अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में मां विंध्यवासिनी और बाबा नीलकंठ की धरती से निकले एक साधारण परिवार के युवक के लिए अखिल भारतीय सेवा का हिस्सा बनना सपने जैसा था। उन्होंने अपने सेवाकाल को बेहद संतोषजनक बताते हुए प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और जनता की सेवा का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देते रहने की इच्छा जताई। बडोला के वीआरएस की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं, जिन पर अब विराम लग गया है। धामी सरकार के कार्यकाल में भी उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से पूरी तरह अछूता नहीं रहा। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर रहते हुए एक इलेक्ट्रिक वाहन के ट्रायल के दौरान हुए हादसे में कई वनकर्मियों की जान चली गई थी। इस दुर्घटना की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने को लेकर लंबे समय तक सवाल उठते रहे।