Aug 19, 2026 Login

उत्तराखंड:क्या नियम तोड़ने के लिए ही बनते हैं?आचार संहिता,कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए राजनीतिक दल कर रहे पार्टी प्रचार प्रसार,प्रशासन बना मूकदर्शक

Uttarakhand: Are rules made to be broken only? Political parties are spreading party propaganda by flouting the code of conduct, Kovid rules!

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने है,आचार संहिता लागू है साथ ही कोरोना गाइडलाइंस के मुताबिक भी भीड़ पर पाबंदी लगी हुई है। निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 लाइन के तहत प्रत्याशियों को प्रचार करने की अनुमति दी है, लेकिन प्रत्याशी आचार संहिता के साथ-साथ कोविड-19 का जमकर उल्लंघन कर रहे हैं। इसकी बानगी पूरे चंपावत जिले के टनकपुर में देखने को मिली जहाँ इंडोर प्रचार के नाम पर कोविड नियमो की जमकर धज्जियां उड़ाई गयी। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी अपनी पार्टी के प्रचार में इस कदर मशगूल हो गए कि इन्हें भीड़ दिखाई नही दी बस अपना उल्लू सीधा करने के लिए इंडोर और आउट डोर बंपर भीड़ बुला ली। हिमेश खर्कवाल जो कांग्रेसी प्रत्याशी है ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर न सिर्फ आचार संहिता का उल्लंघन किया बल्कि कोविड नियमो को भी ताक पर रख दिया। वही कैलाश गहतोड़ी ने भी इंडोर परमिशन लेकर आउटडोर जनसभा कर डाली,जिसके बाद प्रशासन ने मामले में संज्ञान लिया। एसडीएम टनकपुर हिमांशु कफलतिया ने मामले में कहा कि ये कोविड नियमों के विरुद्ध है इसकी रिकॉर्डिंग करवा ली गयी है इस पर जल्द कार्यवाही अमल में लायी जाएगी और जल्द ही संबंधित प्रत्याशी को नोटिस भेजे जाएंगे। उधर नैनीताल जिले में भीमताल विधानसभा में भी प्रत्याशियों द्वारा इन सभी नियमो की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है,बिन मास्क के जुलूस निकाला जा रहा है,इसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिसमे कहा जा रहा है कि भीमताल के राम सिंह कैड़ा और उनके समर्थक जुलूस निकाल रहे है,लगता है आयोग ने छूट दे दी है।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग की ओर से आचार संहिता लागू है जिसके अनुसार पांच से ज़्यादा कार्यकर्ता प्रचार नही कर सकते,वही जनसभाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध है,साथ ही पूरे राज्य में कोरोना नियमो को लेकर एसओपी भी जारी की गई है,जिसके अनुसार मास्क पहनना अति आवश्यक है भीड़ पर पाबंदी है इंडोर गेदरिंग 300 और कैपेसिटी के मुताबिक केवल 50 प्रतिशत ही होनी चाहिए। टनकपुर में आचार संहिता का जमकर उल्लंघन हो रहा है,प्रत्याशी न तो खुद मास्क पहन रहे है न ही पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर मास्क नज़र आता है।धारा 144 की धज्जियां उड़ाई जा रही है,महामारी के समय चुनावी लालच की वजह से जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है इससे किसी को कोई मतलब नहीं।