उत्तराखंड कृषि विभाग को मिला स्थायी नेतृत्व: दिनेश कुमार बने नए निदेशक, विभागीय स्थिरता की जगी उम्मीद

Uttarakhand Agriculture Department Gets Permanent Leadership: Dinesh Kumar Appointed as New Director, Hopes for Departmental Stability Rekindled

देहरादून। उत्तराखंड के कृषि विभाग में लंबे समय से बना अनिश्चितता का माहौल आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार को पदोन्नति देते हुए विभाग का स्थायी निदेशक नियुक्त कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद शासन ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। दिनेश कुमार की इस नियुक्ति से विभाग को न केवल नियमित नेतृत्व मिला है, बल्कि पिछले कई महीनों से रिक्त पड़े इस महत्वपूर्ण पद पर अब कामकाज में तेजी आने की संभावना है। दिनेश कुमार की नियुक्ति की पटकथा साल की शुरुआत में ही लिखी जा चुकी थी। जानकारी के अनुसार, विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते उनका नाम पहले से ही चर्चाओं में था। इसी कड़ी में 5 जनवरी को मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित 'विभागीय पदोन्नति समिति' (DPC) की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी थी। हालांकि, विभिन्न प्रशासनिक और औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण आधिकारिक आदेश जारी होने में कुछ समय लग गया। अब मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद उन्हें वेतनमान के लेवल-15 में नियमित पदोन्नति प्रदान की गई है।

कृषि विभाग में स्थायी निदेशक का न होना पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ था। विधानसभा सत्र के दौरान भी विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था। विभागीय मंत्री द्वारा कई सवालों के स्पष्ट जवाब न दे पाने के पीछे स्थायी निदेशक का अभाव बताया गया था। जनप्रतिनिधियों के बढ़ते दबाव और विभागीय कामकाज को सुचारू बनाने के उद्देश्य से सरकार ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया। राज्य गठन के बाद से अब तक उत्तराखंड कृषि विभाग में कई अधिकारियों ने अपनी सेवाएं दी हैं। दिनेश कुमार इस पद की कमान संभालने वाले सातवें नियमित निदेशक होंगे। उनसे पूर्व छह अधिकारी इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि इस पद पर सबसे लंबा कार्यकाल गौरी शंकर का रहा है, जिन्होंने लगभग 10 वर्षों तक विभाग का नेतृत्व किया। उनके बाद केसी पाठक ने जून 2025 तक करीब डेढ़ साल इस पद को संभाला। पाठक के बाद परमा राम को प्रभारी निदेशक बनाया गया था, जो नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त हो गए थे। तब से यह पद रिक्त चल रहा था। नवनियुक्त निदेशक दिनेश कुमार के सामने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि विकास, पलायन रोकने के लिए नई योजनाओं के क्रियान्वयन और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होंगे। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में इस नियुक्ति से उत्साह का माहौल है। जानकारों का मानना है कि स्थायी निदेशक मिलने से नीतिगत निर्णयों में आ रही देरी खत्म होगी और केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी। आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद दिनेश कुमार ने अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। अब देखना होगा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड का कृषि विभाग राज्य के किसानों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।