उत्तराखण्डः प्रशासनिक सख्ती! बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे अब मोबाइल ले जाने पर बैन, गढ़वाल आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश

Uttarakhand: Administrative strictness! Mobile phones are now banned beyond Singhdwar in Badrinath, with the Garhwal Commissioner issuing strict instructions.

ऋषिकेश। धार्मिक स्थलों पर रील व ब्लॉग बनाने को लेकर लगातार हो रहे विवादों को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में अब बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसको लेकर गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए हैं। बता दें कि ऋषिकेश ट्रांजित कैंप में चार धाम यात्रा तैयारी को लेकर बैठक की गई। गढ़वाल आयुक्त ने चमोली जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मोबाइल जमा करने के लिए व्यवस्था  बनाए। रील व ब्लॉग बनाने के दौरान धार्मिक स्थलों पर विवाद हो रहे हैं। बैठक में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे, आई जी गढ़वाल राजीव स्वरुप सहित पौड़ी, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग के डीएम व एसपी मौजूद रहे। बता दें कि शीतकालीन यात्रा में चारधामों के प्रवास स्थलों में अब तक 27 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बाबा केदार के प्रवास स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में सबसे अधिक 17 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार चारधामों के शीतकालीन स्थलों पर प्रतिदिन औसतन पांच सौ से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन पूजा प्रवास स्थलों पर होती है। बाबा केदार का शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ में है। अब तक यहां 17 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं बदरीनाथ धाम की पूजा पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर जोशीमठ में होती है।