Aug 19, 2026 Login

राजनीतिक मित्रों के साथ मिली भगत कर ऊधम सिंह नगर पुलिस दे रही है अन्याय के खेला में भरपूर साथ

Udham Singh Nagar Police in collusion with political friends is giving full support in the game of injustice

ऊधम सिंह नगर जिले में लोगों को अब एक बार फिर निवर्तमान एसएसपी केवल खुराना और सदानंद दाते की याद आ रही है जिनके कार्यकाल में अपराधियों के साथ पुलिस के लापरवाह कर्मचारियों में  भी खौफ रहता था । यही कारण था कि न्याय की आस रखने वाले लोगों को चौकी थाना पुलिस से न्याय मिलने की उम्मीद होती थी। लेकिन वर्तमान समय में एसएसपी दिलीप कुँवार सिंह के नेतृत्व में अपराधियों के साथ अन्याय करने वालों के हौसले सातवें आसमान पर है। उधर पुलिसकर्मियों में भी अपने मुखिया के प्रति कोई डर और सम्मान नहीं दिखता है। 
ऊधम सिंह नगर में पुलिस की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में हैं। पुलिस अब राजनीतिक दबाव के चलते न्याय पाने की आस रखने वाले लोगों की मदद करने में असहज नजर आ रही है। पुलिस पर राजनीतिक दबाव कुछ इस कदर हावी है कि वह पुलिस मुखिया के आदेश के बावजूद भी बेतुका बयान देकर मामले से पल्ला झाड़ लेते  हैं। मामला  सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के शक्तिफार्म का है जहां प्रधान पति के संरक्षण में जमीनी विवाद के अन्याय का खेल चल रहा है। इस पूरे मामले में जहां पुलिस दबाव में एक तरफा कार्रवाई कर रही है वही मामले से जुड़े कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें दबंगई के साथ जमीन धारियों के साथ मारपीट कर जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है । इस मामले में झूठा मुकदमा लिखवाने के बाद लगातार पीड़ित परिवार के लोगों को दबाव में लेकर बयान बदलने की कार्यवाही जारी है। लेकिन पुलिस पर आरोप लग रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस अन्याय का ही साथ दे रही है। पीड़ित परिवार ने ऊधम सिंह नगर के पुलिस मुखिया से भी मामले में शिकायत की लेकिन पीड़ित परिवार को बेतुके बयान के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। शक्तिफार्म चौकी इंचार्ज की मिलीभगत कहे या दबाव उन्होंने बिना जांच और वायरल वीडियो को दरकिनार कर बेतुका बयान देते हुए पीड़ित परिवार को अन्याय के खेला में झुलझने के लिए छोड़ दिया। ऐसे में मित्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। वही अब ऊधम सिंह नगर  जनपद में एक वक्त के तेजतर्रार एसएसपी केवल खुराना और सदानंद दाते की याद लोगों को आने लगी है जिनके कार्यकाल में लोगों को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद होती थी। 

आपको बता दें शक्तिफार्म के ठाकुर नगर गांव में जमीनी विवाद को लेकर ग्रामीणों की एक परिवार से मारपीट हो गई। महिलाओं से बदसलूकी कर खेत के पेड़ को जबरन काटने का वीडियो बनाया गया । पुलिस ने पूरे मामले में एक ही पक्ष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए  मुक़दमा लिख दिया , जबकि वीडियो में पूरी घटना कैद है। वही इस  मामले में पीड़ित ने  न्याय की गुहार लगाते हुए  24 ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट तोड़फोड़ और लूटपाट का मामला दर्ज करने की अपील की तो शक्तिफार्म के चौकी इंजार्ज ने बेतुका बयान देकर मामले में पुलिस मुखिया को ही गुमराह कर दिया। 

जानकारी के अनुसार शक्तिफार्म के ठाकुर नगर निवासी निखिल मंडल पुत्र संतोष मंडल ने एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 27 जुलाई को वह घर पर था तब गांव के 24 लोग जबरन उसके घर में लाठी डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर घुस गए पर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए जमकर मारपीट की। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों के हमले से वह और उसका बेटा नीतीश ,भतीजा गोलक मंडल घायल हो गया पीड़ित ने हमलावरों पर उसके खेत से जबरन वृक्षों को काटने और उसके घरके महिला से बदसलूकी का आरोप भी लगाया है। पीड़ित निखिल मंडल के अनुसार जमीनी विवाद में हुए बवाल की घटना कैमरे में कैद है उसने मामले में कार्यवाही की मांग की है  शक्तिफार्म चौकी इंचार्ज संजीव कुमार ने प्रकरण प्रॉपर्टी जुड़ा बताकर राजनीतिक दबाव में पीड़ित की तहरीर को गलत बताते हुए पुलिस मुखिया को भी गुमराह कर दिया।