ऊधम सिंह नगरः पुलिस पर पत्रकार को नग्न कर पीटने और चमड़े के जूते में पानी पिलाने के लगे आरोप, पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार
रुद्रपुर। बाजपुर निवासी पत्रकार विमल भारती उर्फ गोल्डी ने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। विमल भारती उर्फ गोल्डी ने दावा किया है कि पुलिस द्वारा उन्हें चौकी ले जाकर नग्न कर पीटा गया और चमड़े के जूते में पानी डालकर पिलाया गया। हांलाकि पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। गुरूवार को काशीपुर बाईपास स्थित सिटी क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में विमल ने आरोप लगाए कि विगत 11 नवंबर को उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बाजपुर पुलिस विभाग में एक ही स्थान पर चुनिंदा अधिकारियों की बार-बार तैनाती को लेकर तथ्यों सहित खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन ने उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया। कहा कि पहले प्रशासन की टीम ने उनके घर पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किया और तोड़फोड़ की कार्रवाई की। विमल का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ओर से उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस उन्हें चौकी ले गई, जहां कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई और अपमानजनक व्यवहार किया गया। विमल भारती का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक और विभिन्न आयोगों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विमल का कहना है कि मामले को लेकर वह न्यायालय की शरण में भी पहुंचे, जहां न्यायालय ने आईजी कुमाऊं को तीन सप्ताह के अंदर जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन पांच सप्ताह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विमल ने सुल्तानपुर पटट्ी चौकी इंचार्ज दीपक कौशिक, बन्नाखेड़ा चौकी इंचार्ज अशोक काण्डपाल, दोराहा चौकी इंचार्ज जगदीश तिवारी, कोतवाली में तैनात दरोगा प्रहलाद बिष्ट, सिपाही गिरीश पाटनी, सिपाही विजय बिष्ट, सिपाही प्रहलाद चौधरी एवं अन्य दो पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए हैं। विमल का कहना है कि वह इस मामले को लेकर एससी/एसटी आयोग, मानव अधिकार आयोग, डीजीपी उत्तराखण्ड, राज्यपाल उत्तराखण्ड, आईजी कुमाऊं को लिखित रूप से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी न्याय नहीं मिला।
वहीं पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा है कि पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए ये सभी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक जिस व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं, उस पर प्राथमिकी दर्ज की गई वह लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता की तहरीर पर हुई है। पुलिस मौके पर शांति व्यवस्था के लिए गई थी और मामले की जांच दूसरे जिले के अधिकारी कर रहे हैं।