टोक्यो ओलम्पिक्स:हॉकी मैच हार के बाद उत्तराखंड की हैट्रिक गर्ल वंदना का किया अपमान परिजनों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
एक ओर हम भारत की बेटियों के पैदा होने पर शोक मनाते है दूसरी ओर ओलम्पिक्स में उनसे पदक जीतने की उम्मीद करते है।और अगर वो बेटी ओलम्पिक्स में हार जाएं तो उनके आत्मसम्मान को और ठेस पहुंचाने के लिए उनके परिजनों के साथ बदतमीजी करते है।ऐसा ही आज हुआ जब टीम इंडिया टोक्यो ओलम्पिक्स में महिला हॉकी में हार गई तो हैट्रिक गर्ल के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड की वंदना कटारिया के घर के बाहर कुछ लोगो ने पटाखे छोड़ दिये।पटाखे छोड़ने के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है।
टीम इंडिया की हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया का घर सिडकुल थाना क्षेत्र के रोशनाबाद गांव में है आज जब अर्जेंटीना से भारत को 2-1 से महिला हॉकी में हार मिली तो कुछ खुरापाती युवकों ने वंदना के घर के बाहर पटाखे फोड़ दिए,ये देख परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में की मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ोस के ही दो युवकों को हिरासत में ले लिया, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वंदना की भाभी सविता ने से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही न होने पर आत्मदाह की धमकी चेतावनी दी है।
कुछ लोगो का ये भी कहना है कि वंदना के परिवार से पड़ोस में ही एक परिवार से अनबन चल रही थी इसीलिए उन्होंने ऐसा करा।वजह भले ही कुछ भी रही हो लेकिन वंदना भारतीय टीम के लिए टोक्यो ओलम्पिक्स में खेल रही थी और ये पूरे देश की इज्ज़त का मामला था हॉकी टूर्नामेंट में भारतीय टीम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही थी आखिरी 17 मिनट में बाजी भारत के नाम हो सकती थी पर लीड अर्जेंटीना को मिलने की वजह से और टाइम आउट होने की वजह से भारत को हारना पड़ा।गोल्ड मेडल हाथ से भले ही निकल गया पर टीम के पास अब कांस्य पदक जीतने का एक और मौका है,आज पीएम नरेंद्र मोदी ने भी महिला हॉकी खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की लेकिन हरिद्वार में उन खुरापाती युवकों ने आपसी दुश्मनी निकाली उन्हें टीम इंडिया नही बल्कि केवल वंदना दिखाई दी।उधर सिडकुल थानाध्यक्ष लखपत बुटोला ने मामले में जांच की बात की है।बताया जा रहा है कि उनमें से एक युवक का नाम विक्की था।
बता दें आज टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद अब भारतीय महिला हाकी टीम कांस्य पदक के लिए शुक्रवार को ग्रेट ब्रिटेन से भिड़ेगी। सोमवार को भारतीय टीम ने तीन बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था और पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।