नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीति से प्रेरित बताया। भाषण के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब राहुल गांधी ने बेहद हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में कहा,प्रधानमंत्री और मेरे बीच पत्नी को लेकर कोई समस्या नहीं है। उनके इस तंज पर सदन में ठहाके गूंज उठे।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें "जादूगर" करार दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "जादूगर और व्यवसायी के बीच की साझेदारी जगजाहिर है।" कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि इस विशेष सत्र का वास्तविक उद्देश्य महिला आरक्षण देना नहीं, बल्कि परिसीमन के बहाने भारत के चुनावी नक्शे को बदलना है। उन्होंने इसे महिलाओं का विधेयक मानने से इनकार करते हुए कहा कि इसका सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। विपक्ष के नेता ने जाति जनगणना को दरकिनार करने के प्रयासों पर भी सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा, "यहाँ मेरे ओबीसी भाइयों और बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश की जा रही है। अमित शाह जी कहते हैं कि घरों की कोई जाति नहीं होती, लेकिन मुद्दा यह है कि क्या संसद में प्रतिनिधित्व के लिए जाति जनगणना का इस्तेमाल होगा या नहीं?" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अगले 15 वर्षों तक जाति आधारित प्रतिनिधित्व को टालने की कोशिश कर रही है। परिसीमन के मुद्दे पर राहुल गांधी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा अपनी शक्ति के क्षरण से डरी हुई है। उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि अब पूरे भारत के राजनीतिक मानचित्र को बदलने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा, "आप दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और छोटे राज्यों से उनका प्रतिनिधित्व छीनना चाहते हैं ताकि भाजपा सत्ता में बनी रहे। यह एक राष्ट्रविरोधी कृत्य से कम नहीं है और हम ऐसा होने नहीं देंगे। राहुल गांधी के इस भाषण ने न केवल महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष के विरोध को धार दी है, बल्कि परिसीमन और जाति जनगणना जैसे संवेदनशील मुद्दों को केंद्र में लाकर सरकार के लिए नई चुनौतियां पेश कर दी हैं।