सीएम धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक! छह प्रस्तावों पर लगी मुहर

The state cabinet met under the chairmanship of Chief Minister Dhami, and approved six proposals.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में छह अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में श्रम, गृह, कारागार, वन और कृषि विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर कर्मचारियों, श्रमिकों और कानून व्यवस्था पर पड़ेगा।

सबसे प्रमुख फैसला श्रम विभाग से संबंधित पेमेंट ऑफ बोनस संशोधन अधिनियम 2020 को वापस लेने का रहा। यह संशोधन कोविड काल के दौरान लाया गया था, जिसमें उद्योगों को सरप्लस होने की स्थिति में ही बोनस देने का प्रावधान किया गया था। अब चूंकि केंद्र का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 लागू है और संशोधित प्रस्ताव को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली, इसलिए राज्य सरकार ने इसे वापस लेने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों को केंद्रीय कानून के तहत बोनस का लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के तहत डॉक्टरों की भर्ती के लिए लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन को भी मंजूरी दी। कुल 94 पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी गई है। इनमें 76 मेडिकल ऑफिसर, 11 असिस्टेंट डायरेक्टर, 6 लेवल-12 और 1 एडिशनल डायरेक्टर (लेवल-13) का पद शामिल है। साथ ही पदोन्नति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। गृह विभाग के अंतर्गत 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर 22 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई। इनमें पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य पद शामिल हैं। कारागार अधिनियम में संशोधन करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा को केंद्र सरकार की परिभाषा के अनुरूप अपनाने का निर्णय लिया गया। वहीं, वन विभाग में कार्यरत शेष 579 दैनिक श्रमिकों को भी 18 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना 2025-26 तक लागू रहने के दौरान मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी समानांतर जारी रखने का निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा और श्रमिकों व कर्मचारियों को राहत मिलेगी।