नेपाल में बाढ़ के तांडव को लेकर चीन पर लगे गंभीर आरोप,45 मिनट की देरी से सूचना मिलने का दावा,पहले मिल जाती सूचना तो बच सकती थी कई लोगों की जान
काठमांडू/रसुवा। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच चीन पर समय रहते सूचना साझा नहीं करने के आरोप लगे हैं। नेपाली सूत्रों का दावा है कि तिब्बत के केरुंग क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ की जानकारी नेपाल को करीब 45 मिनट की देरी से मिली, जिससे सीमावर्ती इलाके में समय रहते राहत और बचाव अभियान शुरू करने का मौका नहीं मिल सका।
बताया गया है कि तिब्बत के केरुंग काउंटी में चीनी समयानुसार सुबह करीब 10:30 बजे अचानक बाढ़ आई। नेपाल और चीन के समय में 2 घंटे 15 मिनट के अंतर के चलते नेपाली समयानुसार यह घटना सुबह करीब 8:15 बजे हुई थी। आरोप है कि समय पर सूचना साझा नहीं किए जाने के कारण नेपाल संभावित खतरे की पूर्व चेतावनी का लाभ नहीं उठा सका।
बाढ़ के बाद नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और सीमावर्ती क्षेत्र में राहत-बचाव कार्य प्रभावित होने की बात सामने आई है।
चीनी मीडिया CRI ऑनलाइन नेटवर्क की रिपोर्ट में केरुंग में बाढ़ आने की जानकारी दी गई है। हालांकि, नेपाल को सूचना मिलने में हुई देरी और इसके कारणों को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
इस घटना ने चीन-नेपाल के बीच आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली, सीमा क्षेत्र में सूचना साझा करने और आपदा प्रबंधन के समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्रों में कुछ मिनटों की सूचना भी कई लोगों की जान बचाने में अहम साबित हो सकती है।