‘मैं ठाकुर हूं’ वायरल क्लिप का पूरा सच: बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने बताई घटना की असली कहानी! लिंक में पढ़ें
बीते रोज एचडीएफसी बैंक की महिला कर्मचारी आस्था सिंह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिसमें वो मैं ठाकुर हूं कहते हुए गाली देती हुई दिखाई दे रही थी,अधूरे वीडियो ने सोशल मीडिया में सनसनी फैला दी,जबकि घटनाक्रम का पूरा संदर्भ सामने ही नहीं आया।
अब खुद आस्था सिंह ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें वो पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रही हैं कि आखिर उस दिन हुआ क्या था। दरअसल, बैंक की पूर्व कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी अपने रिलीविंग लेटर को लेकर विवाद आस्था सिंह से विवाद करने लगी थी।इस दौरान उनके परिजनों द्वारा बैंक स्टाफ से अभद्र व्यवहार किया गया। इसी क्रम में ऋतु के पति ऋषि त्रिपाठी भी बैंक पहुंचे और आस्था के साथ विवाद के दौरान कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, कि तुम किस जाति की हो तुम्हारी सारी हेकड़ी और गर्मी निकाल देंगे। स्थिति को संभालने की कोशिश के दौरान आस्था सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसे वायरल क्लिप में प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। आस्था का कहना है कि उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाई गई जिसके बाद उनकी प्रतिक्रिया सामने आई।
बैंक कर्मचारी को सहनशील होना चाहिए था यह सत्य है लेकिन कितना? यदि विषय कामकाज को लेकर होता तो सहनशीलता और जवाबदेही जरूरी है। लेकिन इसमें कोई जाति पूछकर दबाने की कोशिश करे तब क्या करना चाहिए?
यह घटना केवल जातीय विवाद नहीं, बल्कि सही और गलत के व्यवहारिक संघर्ष को भी दर्शाती है, जहां कार्यस्थल पर गरिमा बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी होती है, साथ ही जातिवाद और लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता और संतुलित प्रतिक्रिया भी आवश्यक है।