बड़ी खबरः इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी! सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप, कई घंटे चला सर्च ऑपरेशन! जांच में निकला फर्जी ईमेल

Breaking News: Threat to blow up ISRO headquarters! Security agencies sent into a tizzy; search operation lasted several hours! Investigation reveals the email was a hoax.

नई दिल्ली। बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ईमेल मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक एवं बम खोजी दस्तातत्काल मौके पर पहुंच गया। एहतियात के तौर पर मुख्यालय में मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। कई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और जांच में धमकी पूरी तरह फर्जी साबित हुई। पुलिस के अनुसार, धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। इसरो मुख्यालय के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। तलाशी अभियान पूरा होने के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिसर पूरी तरह सुरक्षित है और ईमेल केवल अफवाह फैलाने के उद्देश्य से भेजा गया था। बेंगलुरु की संजयनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके उद्देश्य की जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल के स्रोत, डिजिटल ट्रेल और उससे जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कई संगठनों और एक एयर इंडिया की उड़ान को बम की धमकी वाले फर्जी ईमेल भेजने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह व्यक्ति गाजियाबाद का निवासी है। 36 वर्षीय आरोपी 2008 से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है। 29 जून को भेजे गए इन ईमेल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय  सहित कई उच्च सुरक्षा प्रतिष्ठानों में बम होने का दावा किया गया था। नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान के लिए भी एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। इससे तत्काल सुरक्षा जांच शुरू हुई और कई एजेंसियों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि सभी संबंधित संगठनों और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया था। मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और धमकियां फर्जी पाई गईं। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें ईमेल के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया गया। तकनीकी जांच के दौरान, पुलिस ने दो मेल खातों का विश्लेषण किया। इन खातों का उपयोग ईमेल भेजने के लिए किया गया था। ईमेल ट्रेल की विस्तृत जांच से जांचकर्ताओं को खातों से जुड़े एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद मिली। तकनीकी निगरानी का उपयोग करते हुए, पुलिस दल ने 30 जून को संदिग्ध को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के संयोग नगर में खोज निकाला। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके निवास पर संदिग्ध निशांत त्यागी की जांच की। पुलिस के अनुसार, त्यागी ने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी की थी। उसने 2010 में स्नातक डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लिया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर 2008 से मानसिक बीमारी से पीड़ित है।