उत्तराखंड में डिजिटल जनगणना का शंखनाद: आज से 33 सवालों के साथ शुरू होगी मकानों की स्वगणना

The Clarion Call for a Digital Census in Uttarakhand: Self-Enumeration of Households Begins Today with 33 Questions.

देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना 2027 की तैयारी के तहत आज शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 से भवन स्वगणना (House Listing) का पहला चरण शुरू हो रहा है। इस चरण में प्रदेशवासी घर बैठे पोर्टल पर 33 आसान सवालों का जवाब देकर अपनी स्वगणना कर सकते हैं। यह देश में पहली बार शुरू की गई डिजिटल स्वगणना की सुविधा है, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक सटीक, तेज और पारदर्शी बनेगी।

स्वगणना की अवधि 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक है। सुबह 10:45 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) स्वगणना करके इस अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे, जबकि शाम 5 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वगणना करेंगे। जनगणना निदेशालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, स्वगणना se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसमें आपको 33 सवालों के जवाब देने होंगे, जो मुख्य रूप से मकान की संरचना, परिवार की जानकारी, बुनियादी सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित हैं। इनमें मकान की दीवार, फर्श और छत की सामग्री, कमरों की संख्या, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई, ईंधन, इंटरनेट, वाहन आदि शामिल हैं। अंत में अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा। स्वगणना पूरी करने पर आपको एक यूनिक SE आईडी (Self Enumeration ID) मिलेगी। जब 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको उन्हें यह SE आईडी देनी होगी। प्रगणक इस आईडी के आधार पर आपके डेटा को अपने सॉफ्टवेयर में लोड करेंगे, सत्यापित करेंगे और अंतिम एंट्री कर देंगे। निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणक घर-घर जाकर डेटा की पुष्टि करेंगे।

इन सवालों के देने हैं जवाब
1-भवन नंबर (प्रगणक भरेंगे)
2-मकान नंबर (प्रगणक भरेंगे)
3-मकान के फर्श में प्रयुक्त सामग्री
4-मकान की दीवार में प्रयुक्त सामग्री
5-मकान की छत में प्रयुक्त सामग्री
6-मकान का उपयोग
7-मकान की हालत
8-परिवार क्रमांक
9-परिवार के सदस्यों की संख्या
10-परिवार के मुखिया का नाम
11-परिवार के मुखिया का लिंग
12-अनु.जाति, अनु.जनजाति या अन्य
13-मकान के स्वामित्व की स्थिति
14-मकान में कमरों की संख्या
15-परिवार में विवाहित दंपती संख्या
16-पेयजल का मुख्य स्रोत
17-पेयज स्रोत की उपलब्धता
18-लाइट का मुख्य स्रोत
19-शौचालय की उपलब्धता
20-शौचालय का प्रकार
21-गंदे पानी की निकासी
22-स्नानघर की उपलब्धता
23-रसोईघर, एलपीजी या पीएनजी
24-खाना पकाने का मुख्य ईंधन
25-रेडियो या ट्रांजिस्टर
26-टेलीविजन
27-इंटरनेट सुविधा
28-लैपटॉप या कंप्यूटर
29-टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्ट फोन
30-साइकिल, स्कूटर, बाइक
31-कार, जीप, वैन
32-मुख्य अनाज
33-मोबाइल नंबर

यह स्वगणना पूरी तरह ऑनलाइन है। पोर्टल पर मोबाइल नंबर से लॉगिन कर, लोकेशन चुनकर और सवालों के जवाब भरकर आसानी से पूरा किया जा सकता है। अधिकारियों ने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग इस अवधि में स्वगणना करें, ताकि प्रगणकों का काम आसान हो और डेटा की सटीकता बढ़े। जनगणना 2027 का यह पहला चरण भवन सूचीकरण और आवासीय स्थिति पर केंद्रित है। दूसरा चरण बाद में जनसंख्या गणना के लिए होगा। प्रदेशवासियों से अनुरोध है कि सही और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि यह डेटा विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के आवंटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।