दुबई से यूपी में आतंकी साजिश की धमक: रेलवे सिग्नल उड़ाने की फिराक में था नेटवर्क,कुलगाम हमले के बाद प्रदेश भर में हाई अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को दहलाने और भारतीय रेल नेटवर्क को निशाना बनाने की एक भीषण साजिश का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गई हैं। एक तरफ जहां दुबई में बैठकर यूपी में दहशतगर्दी का ताना-बाना बुन रहे आतंकी मॉड्यूल के सरगना का प्रत्यर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए गले की फांस बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियों के सामने अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड को भारत लाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। दुबई में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए आतंकी नेटवर्क संचालित करने वाले मेरठ निवासी आकिब के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस बीच दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खासकर सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन से चार संदिग्ध आतंकियों शाकिब, अरबाब, विकास और लोकेश को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंटों के संपर्क में थे। इनके निशाने पर रेलवे सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर से भरे वाहन थे, जिनमें विस्फोट कर बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही थी। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान खुलासा हुआ कि पूरे मॉड्यूल का संचालन दुबई में बैठे मेरठ निवासी आकिब द्वारा किया जा रहा था। जांच एजेंसी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करा चुकी है और प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज विदेश मंत्रालय तथा केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिए गए हैं। हालांकि अब तक उसकी भारत वापसी को लेकर कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया और दोनों देशों के बीच समन्वय के कारण यह मामला जटिल बना हुआ है। उधर, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों द्वारा प्रवासी मजदूरों पर किए गए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों के नाम पूछे और छत्तीसगढ़ के दो हिंदू मजदूरों को अलग कर गोली मार दी। इस हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। राज्य के सभी जिलों में पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग, प्रमुख मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि सादे कपड़ों में खुफिया एजेंसियों के जवान भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। यही कारण है कि आतंकवाद विरोधी अभियान, खुफिया निगरानी और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, दुबई में बैठे आतंकी मॉड्यूल के सरगना के प्रत्यर्पण को लेकर जांच एजेंसियां लगातार केंद्रीय स्तर पर प्रयास तेज किए हुए हैं, ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर भविष्य की किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।