स्मार्ट बॉर्डर की ओर बढ़ते कदम: गृह मंत्री अमित शाह ने किया एलपीएमएस का उद्घाटन, 90% कागजी काम होगा खत्म
नई दिल्ली। देश की सीमाओं को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और व्यापार अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 'लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम' विनिमय का भव्य उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक डिजिटल सिस्टम के लागू होने से लैंड पोर्ट्स पर होने वाला 90 फीसदी कागजी कामकाज पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि वर्तमान में देश में 15 लैंड पोर्ट संचालित हैं, और सरकार अगले तीन वर्षों के भीतर 11 और नए लैंड पोर्ट विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सीमा व्यापार में आए अभूतपूर्व उछाल के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जहां देश का लैंड पोर्ट व्यापार महज 5,000 करोड़ रुपये का था, वहीं आज यह रिकॉर्ड ऊंचाई को छूते हुए 83,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह वृद्धि भारत की मजबूत होती सीमावर्ती अर्थव्यवस्था और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का जीता-जागता प्रमाण है। एलपीएमएस के आ जाने से सीमा प्रबंधन में एक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा। इस प्रणाली में 'सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो' की सुविधा दी गई है, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाओं में लगने वाले समय में 40 से 60 प्रतिशत तक की भारी बचत होगी। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि लैंड पोर्ट्स केवल व्यापार को बढ़ावा देने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये देश का सुरक्षा कवच, सांस्कृतिक संपर्क का माध्यम और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने का एक बड़ा साधन भी हैं। स्मार्ट बॉर्डर योजना और एलपीएमएस के इस अनूठे समन्वय से हमारी सीमाएं अधिक सुरक्षित होंगी और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम कसने में मदद मिलेगी। देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए एक नया डिजिटल आधार तैयार किया जा रहा है। इस नए सिस्टम के माध्यम से देश की तमाम सुरक्षा, सीमा शुल्क और पहचान संबंधी एजेंसियां एक ही प्लेटफॉर्म पर आ गई हैं। अब भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरचेंज गेटवे, मोटर वाहन प्रणाली, सीबीआईसी , बीएसएफ, डीजीएफटी, यूआईडीएआई और यूएलआईपी जैसी प्रमुख एजेंसियां इस मंच पर रीयल-टाइम डाटा साझा कर सकेंगी। ऐसा होने से एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय और अधिक मजबूत होगा, जिससे कार्गो और वाहनों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के ट्रैक किया जा सकेगा। गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि नए लैंड पोर्ट्स के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, जिससे वहां से होने वाले पलायन का दबाव कम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी। लैंड पोर्ट अथॉरिटी अब देश की चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा रणनीति के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रही है।