झारखंड पर मानसून मेहरबान: रांची समेत 8 जिलों में भारी बारिश का 'अलर्ट', 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
झारखंड में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने एक ताकतवर वेदर सिस्टम के कारण सूबे के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान मौसम विभाग ने रांची समेत राज्य के 8 जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सोमवार को झारखंड में दिखे मौसम के इस रौद्र और मेहरबान रूप की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के दैनिक बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना सशक्त निम्न दबाव का क्षेत्र अब 'डिप्रेशन' में तब्दील हो चुका है। यही वेदर सिस्टम इस समय पूरे झारखंड के मौसम को संचालित और प्रभावित कर रहा है, जिससे मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार, 6 जुलाई को राजधानी रांची समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में आसमान में काले बादलों का डेरा है। रांची में सुबह से ही रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने सोमवार को विशेष रूप से निम्नलिखित 8 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है। इन जिलों के निचले इलाकों में जलभराव (वाटरलॉगिंग), सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने और स्थानीय स्तर पर सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी है। मानसून की यह सक्रियता केवल सोमवार तक सीमित नहीं रहेगी। 7 जुलाई को भी पूरे राज्य में मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी। अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन उत्तर-पूर्वी झारखंड और उससे सटे मध्य भाग, विशेषकर धनबाद और आस-पास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। 8 जुलाई को भी मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा; पूरे राज्य में बादल छाए रहेंगे और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भारी वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। लगातार हो रही बारिश और घने बादलों के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी तपिश से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर सख्त हिदायत जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि बिजली चमकने या मेघ गर्जन के दौरान वे खेतों, खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों, बल्कि तुरंत किसी पक्के और सुरक्षित भवन की शरण लें।