ऋषिकेश में सी-प्लेन का 'टेक-ऑफ': पशुलोक बैराज पर आज होगा ऐतिहासिक ट्रायल, उत्तराखंड के पर्यटन को लगेंगे पंख
ऋषिकेश। उत्तराखंड के पर्यटन और परिवहन इतिहास में आज सोमवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। योग नगरी ऋषिकेश के पशुलोक बैराज पर आज बहुप्रतीक्षित सी-प्लेन उतारने की तैयारी है। यूजेवीएन लिमिटेड की देखरेख में होने वाला यह ट्रायल सफल रहता है, तो प्रदेश में आवागमन और सैर-सपाटे की एक नई क्रांति की शुरुआत होगी।
उत्तराखंड में पर्यटन और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आज सोमवार को उठने जा रहा है। यूजेवीएन लिमिटेड की ओर से ऋषिकेश स्थित पशुलोक बैराज पर सुबह करीब 11 बजे सी-प्लेन (जल विमान) उतारने का ट्रायल किया जाएगा। इस ट्रायल को प्रदेश में सी-प्लेन सेवा शुरू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यदि परीक्षण सफल रहा तो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। सी-प्लेन सेवा की शुरुआत से उत्तराखंड के उन दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक पर्यटकों की आसान पहुंच संभव हो सकेगी जहां सड़क मार्ग या पारंपरिक हवाई सेवाएं पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। गंगा, यमुना, टिहरी झील जैसी जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होते हुए पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हाई-एंड टूरिज्म को मजबूती मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अनोखा और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। इस सेवा के कई फायदे बताए जा रहे हैं। पर्यटन के अलावा आपदा प्रबंधन में भी सी-प्लेन बेहद उपयोगी साबित होगा। बाढ़, भूस्खलन या अन्य आपदाओं के समय राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्यों को तेज गति देने में यह विमान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना को आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के रूप में देख रही हैं।
ट्रायल सफल होने पर आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जलाशयों, बैराजों और नदियों पर नियमित सी-प्लेन सेवा शुरू की जा सकती है। इससे स्थानीय युवाओं और व्यवसायियों को रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। होटल, गाइड, बोटिंग और अन्य पर्यटन संबंधी गतिविधियों में वृद्धि होगी।
उत्तराखंड सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। सी-प्लेन परियोजना भी देवभूमि को विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि आज का ट्रायल सफल रहा तो यह उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दर्ज कराएगा। लोगों में इस ट्रायल को लेकर काफी उत्साह है। पर्यटन विभाग, यूजेवीएन और प्रशासन की टीमें पूरी तैयारी के साथ इस ऐतिहासिक घटना को सफल बनाने में जुटी हुई हैं। सफल ट्रायल के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे की योजना पर काम तेज होगा। देवभूमि उत्तराखंड में सी-प्लेन सेवा की शुरुआत न सिर्फ पर्यटन को नई ऊंचाई देगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।