उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बावजूद खुले है स्कूल! अभिभावकों में खासा रोष
भारत के कई हिस्सों में पिछले एक महीन से अधिक समय से लगातार भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। हीटवेव और अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग के डेटा पर नजर डालें तो साफ हो जाता है कि वाकई इस बार गर्मी ने सात दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तापमान 40 से भी पार पहुंच रहा है और कुछ हिस्सों में तो तापमान 45 और 50 के भी पार है। ऐसे में स्कूली बच्चों के लिए गर्मी की छुट्टियां खत्म हो जाना एक बड़ी आफत बन गया है। उत्तराखंड में ज्यादातर तराई क्षेत्रों के स्कूल भीषण गर्मी में खुल चुके है तो कई स्कूल एक्स्ट्रा एक्टिविटी के नाम पर खोले जा चुके है,जिससे बच्चो की हालत खराब होने लगी है।
स्कूल खुलते ही बच्चो को कूलर और एसी से निकलकर स्कूल जाना पड़ रहा है,दिन दोपहरी की गर्मी बच्चे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। सूत्रों की माने तो उत्तराखंड में उधम सिंह नगर,देहरादून नैनीताल जिले के हल्द्वानी,सहित कई जगहों में स्कूल खुल जाने को लेकर अभिभावकों में खासा रोष व्याप्त हो गया है,उनका कहना है कि इस साल भयंकर गर्मी पड़ रही है मौसम विभाग ने भी लगातार हीट वेव की चेतावनी दी हुई है,बारिश न होने के वजह से तापमान में गिरावट भी नही आई जिस के कारण बच्चे बीमार पड़ने लगे है,बड़े ही नही बच्चे भी डायरिया की चपेट में आ रहे है बावजूद इसके स्कूल खोले जा रहे है जहां बच्चो के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। अभिभावकों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि तापमान में गिरावट होने तक स्कूल में अवकाश और बढ़ा दिया जाए। आपको बता दें कि पूरे देश में अब तक की सबसे भयानक गर्मी पड़ रही है। कई हिस्सों में लगातार 50 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान बना हुआ है। बुधवार को दिल्ली में 52 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया, लेकिन इसका अभी भी मूल्यांकन और फिर से जांच की जा रही है. जबकि शहर के अधिकारियों ने पानी की कमी और बिजली ग्रिड के ट्रिप होने के जोखिम की भी चेतावनी दी है। दिल्ली में साल 2002 में सबसे ज्यादा 49.2 डिग्री सेल्सियस पारा रिकॉर्ड हुआ था। एक दिन पहले यानी 27 मई 2024 को तापमान 49.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। फिलहाल तापमान ने दिल्ली में एक नया रिकॉर्ड बना लिया है।ऐसी जला देने वाली गर्मी में जब दिन के वक्त सड़के वीरान दिखाई दे रही थीं वही अब स्कूल खुलने से बच्चो को चिलमिलाती गर्मी में स्कूल जाना पड़ रहा है।