Aug 31, 2026 Login

रुद्रपुर: भड़काऊ बयान देने वाले मुफ्ती की गिरफ्तारी के बाद मदरसे पर प्रशासन का शिकंजा, फैजुल मुस्तफा राजा पब्लिक स्कूल में जड़ा ताला

Rudrapur: Administration cracks down on madrasa following the arrest of a Mufti who made inflammatory statements; Faizul Mustafa Raza Public School sealed.

रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर भड़काऊ बयानबाजी करने के आरोपी मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने रुद्रपुर के खेड़ा वार्ड संख्या 18 स्थित 'मदरसा फैजुल मुस्तफा राजा पब्लिक स्कूल' पर कड़ी कार्रवाई करते हुए आधिकारिक नोटिस चस्पा किया और परिसर पर ताला लगा दिया।

त्रिशूल चौक पर ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) के जुलूस के दौरान कथित भड़काऊ और धमकी भरे बयान के मामले में मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने अब खेड़ा वार्ड-18 स्थित मदरसा फैजुल मुस्तफा राजा पब्लिक स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रशासन की टीम ने संस्थान पर नोटिस चस्पा करने के बाद परिसर में तालाबंदी कर दी। कार्रवाई के बाद इलाके में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर मदरसों को बंद किए जाने के मुद्दे को लेकर मुफ्ती मुजीब अहमद अजहरी ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। भाषण का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुफ्ती मुजीब अहमद को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि मुफ्ती मुजीब अहमद उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले हैं और खेड़ा स्थित उक्त मदरसे में प्रधानाचार्य के पद पर बताए जाते हैं। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने रम्पुरा पुलिस चौकी में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस द्वारा मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाए जाने के बाद अब प्रशासन ने उस संस्थान के संचालन को लेकर भी जांच शुरू कर दी है, जिससे उनका जुड़ाव बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई में मदरसा फैजुल मुस्तफा राजा पब्लिक स्कूल के भवन पर नोटिस चस्पा किया गया और उसके बाद ताला लगा दिया गया। बताया गया है कि संस्थान के संचालन में आवश्यक मान्यता, निर्धारित मानकों और अन्य प्रशासनिक नियमों के पालन को लेकर शिकायतें या संदेह सामने आए थे। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि संस्थानों का संचालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है। किसी भी शिक्षण संस्थान के संचालन में अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस मुफ्ती के कथित बयान से जुड़े मामले में अपनी कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ या ऐसी बयानबाजी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ताजा कार्रवाई को इसी सख्त रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। अब संबंधित संस्थान के दस्तावेजों, मान्यता और संचालन से जुड़े नियमों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।