रांची में प्रिंस खान का तांडव: कारोबारी से मांगी ₹5 करोड़ की रंगदारी, पल-पल की रेकी से खौफ में परिवार
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का आतंक और खौफ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने के लिए इस गिरोह के गुर्गे अब व्यापारियों के पल-पल की गतिविधियों की निगरानी (रेकी) कर रहे हैं। ताजा सनसनीखेज मामला रांची के हटिया इलाके से सामने आया है, जहां गिरोह ने एक प्रतिष्ठित कारोबारी से पांच करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी है। रकम न देने पर कारोबारी और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक चेतावनी दी गई है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है।
हटिया के चांदनी चौक ओबरिया रोड निवासी व्यवसाई उमाशंकर सिंह कॉस्मेटिक आइटम और देसी शराब की पैकिंग का बड़ा कारोबार करते हैं। उन्होंने रांची के जगन्नाथपुर थाने में मामले को लेकर आधिकारिक प्राथमिकी (दर्ज कराई है। दर्ज शिकायत के अनुसार, बीती 24 जून की रात करीब 12 बजे उमाशंकर सिंह के मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश और ऑडियो कॉल आए। फोन करने वाले ने खुद को सीधे तौर पर 'प्रिंस खान का आदमी' बताया और बेहद कड़े लहजे में पांच करोड़ रुपये की डिमांड रख दी। अपराधियों ने साफ कहा कि अगर इतनी रकम तय समय पर नहीं मिली, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें और इसका खामियाजा पूरे परिवार की जान देकर चुकाना होगा। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और डराने वाला पहलू यह है कि दुबई में बैठे अपराधियों के पास कारोबारी की दिनचर्या की पल-पल की सटीक जानकारी मौजूद है। उमाशंकर सिंह ने पुलिस को बताया कि धमकाने वाले गिरोह ने उन्हें जो व्हाट्सएप मैसेज भेजे हैं, उसमें उनके सभी वाहनों के नंबर, उनके बिजनेस के अलग-अलग ठिकाने और गोदामों का पूरा ब्योरा दर्ज है। हद तो तब हो गई जब अपराधियों ने मैसेज में यह भी लिखकर भेजा कि कारोबारी किस समय घर से निकलते हैं, किस रूट से होकर किस मंदिर में पूजा करने जाते हैं। अपराधियों के पास इस कदर बारीक जानकारी होने से स्पष्ट है कि उनकी और उनके परिवार की बहुत ही पेशेवर तरीके से रेकी की जा रही है। कारोबारी उमाशंकर सिंह ने आशंका जताई है कि इस पूरी साजिश के पीछे उनका कोई बहुत ही करीबी व्यक्ति या फिर कोई स्थानीय लोकल आदमी शामिल है। वही मुखबिर अपराधियों के लिए लगातार ग्राउंड जीरो पर रेकी कर रहा है और घर के भीतर की छोटी से छोटी और गुप्त जानकारियां दुबई में बैठे गैंग तक व्हाट्सएप के जरिए पहुंचा रहा है। पीड़ित व्यवसाई ने अत्यंत भयभीत होकर पुलिस को बताया, "अपराधियों के पास हमारी हर गतिविधि की जानकारी है। कब कौन घर से निकल रहा है, कब कौन कहां जा रहा है सब उन्हें पता है। इस खौफ के कारण मेरे बच्चों और परिवार के सदस्यों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। पूरा परिवार मानसिक तनाव और डर के साये में जी रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जगन्नाथपुर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। कारोबारी ने अपराधियों के साथ हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और ऑडियो कॉल की पूरी रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी को सौंप दी है। पुलिस साइबर सेल की मदद से उस विदेशी नंबर और उसके आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई है। साथ ही, पुलिस कारोबारी के ठिकानों के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि संदेह के घेरे में आए स्थानीय संदिग्धों और रेकी करने वाले गुर्गों को दबोचा जा सके। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कारोबारी के घर के आसपास गश्त भी बढ़ा रही है।