राजनीतिक हलचलः भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा! नितिन नवीन ने खिलाई मिठाई, राज्यसभा में आप की स्थिति कमजोर
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जिसने आम आदमी पार्टी की सियासी स्थिति को गहरा झटका दिया है। पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद शुक्रवार, 24 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने न केवल संसद के समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि आप के अंदरूनी हालात पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के उस ऐलान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे आप के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे। उन्होंने इस निर्णय को भारत के संविधान के प्रावधानों के तहत बताया और कहा कि यह एक सामूहिक और सोचा-समझा कदम है। शुक्रवार को संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि हमने यह फैसला किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्य होने के नाते हम संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए खुद को बीजेपी में विलय करेंगे। इसके बाद राघव चड्ढा ने दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को आप के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व के लिए भी एक चुनौती बन सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर उनके कद को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं। सूत्रों के अनुसार पार्टी के अंदर लंबे समय से असंतोष पनप रहा था, जो अब खुलकर सामने आ गया है। राघव चड्ढा और उनके साथियों का यह फैसला उसी असंतोष का परिणाम माना जा रहा है। राज्यसभा में आप की स्थिति पर भी इस घटनाक्रम का सीधा असर पड़ा है। पहले जहां पार्टी के पास कुल 10 सांसद थे, वहीं अब यह संख्या घटकर काफी कम हो गई है, जिससे सदन में उसकी राजनीतिक ताकत कमजोर पड़ती दिख रही है।