Aug 19, 2026 Login

खत्म हुआ राजनीतिक कयासों का दौर, शरद पवार ने वापस लिया इस्तीफा  

Political speculations end, Sharad Pawar withdraws his resignation

नई दिल्‍ली. राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्‍यक्ष शरद पवार (NCP chief Sharad Pawar) ने अपना इस्‍तीफा वापस लेने की घोषणा की है. उन्‍होंने कहा कि एनसीपी के लाखो कार्यकर्ताओं की मांग थी में अपना इस्तीफा वापस लू. देश भर से कई लोगो के फोन आए. मैने यह फैसला लिया है की मैं अपना अध्यक्ष पद वापस ले रहा हूं. ऐसे में पार्टी की कमान सौपने के राजनीतिक कयासों का दौर भी खत्म हो गया. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने पहले कहा था कि पवार ने पार्टी प्रमुख के रूप में पद छोड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए और समय मांगा है.

मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शरद पवार ने कहा कि मैं आपकी भावनाओं का अपमान नहीं कर सकता. आपके प्यार की वजह से मुझसे इस्तीफा वापस लेने की मांग और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा पारित प्रस्ताव का मैं सम्मान कर रहा हूं. मैं NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटने का अपना निर्णय वापस लेता हूं.  उन्‍होंने कहा कि 2 मई को, मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त होने की इच्छा व्यक्त की थी, क्योंकि मैं इस उम्र में जिम्मेदारियों से मुक्त होना चाहता था. हालांकि, पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की निराशा को देखते हुए मैंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है. उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया है और मैं उन्हें निराश नहीं कर सकता. शरद पवार ने कहा, ‘समिति ने मुझसे राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी फिर से लेने का अनुरोध किया और सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद मैंने ऐसा करने का फैसला किया है. मैं पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा लिए गए फैसले का सम्मान करता हूं और उसे स्वीकार करता हूं.’

अजित पवार की अनुपस्थिति पर ऐसा दिया जवाब
NCP प्रमुख शरद पवार से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार की अनुपस्थिति के बारे में पूछा गया, जहां उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. और लोग यहां हैं . कमेटी ने यह फैसला लिया और उनके फैसले के बाद मैंने अपना फैसला वापस ले लिया. सभी एकजुट हैं और इस पर चर्चा हुई. समिति में वरिष्ठ नेता हैं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हर कोई मौजूद नहीं हो सकता. कुछ लोग यहां हैं और कुछ अन्य नहीं हैं. लेकिन आज सुबह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला लिया और मुझे इससे अवगत कराया. उस फैसले के जरिए सभी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. इसलिए, यह सवाल उठाना कि यहां कौन मौजूद है और कौन नहीं है या इसका मतलब तलाशना सही नहीं है.