पटना कोचिंग विवाद: खान सर की गिरफ्तारी पर 30 जून तक रोक, पर अंगरक्षकों को नहीं मिली जमानत

Patna coaching dispute: Khan Sir's arrest stayed until June 30, but bodyguards denied bail.

पटना। राजधानी के बहुचर्चित कोचिंग विवाद मामले में देश के जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ 'खान सर' को अदालत से फिलहाल अंतरिम राहत मिल गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर आगामी 30 जून तक रोक लगा दी है। हालांकि, इसी मामले में फंसे खान सर के दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों (अंगरक्षकों) को फिलहाल राहत नहीं मिली है; उनकी जमानत याचिका पर भी अब 30 जून को ही सुनवाई होगी।

इससे पहले, गुरुवार (25 जून) को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अख्तियार किया था। कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश की गई केस डायरी को अधूरा बताते हुए जांच एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई थी। जिला जज ने जांच अधिकारी को जल्द से जल्द अपडेटेड और पूरी रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस ने शनिवार सुबह अदालत के समक्ष अपडेटेड केस डायरी पेश कर दी। अब अदालत इसी डायरी के तथ्यों के आधार पर 30 जून को अपना अंतिम फैसला सुनाएगी। मामले में मोड़ तब आया जब विरोधी पक्ष के अधिवक्ता निरंजन कुमार ने खान सर की अग्रिम जमानत का पुरजोर विरोध किया। अदालत के सामने दलील पेश करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद और कथित साजिश का ताना-बाना 'खान ग्लोबल स्टडीज' के भीतर ही बुना गया था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पीड़ित रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में लिखित आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, जबकि इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पीड़ित रौशन आनंद पर जेल के भीतर भी हमले का प्रयास किया गया है और उनके भाई प्रिंस के साथ भी आपराधिक कृत्य हुआ है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए खान सर को राहत न दी जाए। इस कानूनी खींचतान के बीच, इसी मामले से जुड़े रौशन आनंद पक्ष के दो अन्य आरोपियों, अभिषेक और गौरव को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद दोनों को बेउर जेल से रिहा कर दिया गया है। अब पूरे सूबे की निगाहें 30 जून यानी मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस की नई केस डायरी के आधार पर अदालत खान सर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार करती है या फिर उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं।