ऑपरेशन प्रहार का बड़ा असरः ऊधम सिंह नगर पुलिस ने तोड़ा वाहन चोर गिरोह का नेटवर्क! 5 शातिर गिरफ्तार, 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद

Operation Prahar has had a major impact: Udham Singh Nagar police have disrupted a vehicle theft gang! Five criminals have been arrested, and 11 stolen motorcycles have been recovered.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ा प्रहार करते हुए एक संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति की प्रभावी रणनीति, तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और पुलिस टीमों की सतर्कता के चलते पांच शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह कार्रवाई एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई, जिसके माध्यम से जनपद में संपत्ति संबंधी अपराधों और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस के अनुसार वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान संचालित किया गया था। पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर तथा संबंधित क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में गठित टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार निगरानी और जांच की। इसी दौरान ट्रांजिट कैम्प और खटीमा क्षेत्र में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए चोरी की वारदातों का खुलासा किया गया। कोतवाली ट्रांजिट कैम्प पुलिस को दो जून को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति गणेशपुर रोड स्थित एक खंडहर के पास चोरी की मोटरसाइकिल के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीन आरोपियों को एक चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों पर झाड़ियों और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखी गई पांच अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बरामद वाहन ट्रांजिट कैम्प और पंतनगर क्षेत्र में दर्ज विभिन्न वाहन चोरी के मुकदमों से संबंधित पाए गए। इस कार्रवाई से कई लंबित मामलों का भी सफल अनावरण हो गया।

खटीमा पुलिस ने भी किया गिरोह का भंडाफोड़
इधर कोतवाली खटीमा क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस पहले से ही सक्रिय थी। विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज कर जांच की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने ग्राम सुजिया मार्ग के पास से फरमान फरीदी उर्फ फुकना नामक आरोपी को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा किया और बताया कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों को वह आशीर्वाद पैलेस की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास झाड़ियों में छिपाकर रखता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कई चोरी की बाइक बरामद कीं। बाद में दूसरे आरोपी पवन धामी को चकरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर कुल पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले बाजारों, दुकानों, कॉलोनियों, जिम और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वाहन चोरी कर लेते और फिर उन्हें झाड़ियों, सुनसान क्षेत्रों अथवा कच्चे रास्तों के आसपास छिपाकर रखते थे। बाद में इन वाहनों को कम कीमत पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था। आरोपियों का मानना था कि अलग.अलग थाना क्षेत्रों में वारदात कर वे पुलिस को भ्रमित कर देंगे, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सतत निगरानी के चलते उनका पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया। इस कार्रवाई में ट्रांजिट कैम्प क्षेत्र से सचिन पाल, अरुण और आशीष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया, जबकि खटीमा पुलिस ने फरमान फरीदी उर्फ फुकना और पवन धामी को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त में और कौन-कौन लोग शामिल थे।