नगालैंड में असम राइफल्स के काफिले पर IED हमला! एक जवान शहीद, चार घायल! पूरे इलाके में घेराबंदी, सुरक्षा बलों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

An Assam Rifles convoy is attacked by an IED in Nagaland. One soldier is killed and four others are injured. The entire area has been cordoned off and security forces have launched a search operation

नई दिल्ली। नगालैंड में सोमवार को सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए। यह घटना चुमौकेदिमा जिले के शोखुवी-चुमौकेदिमा मार्ग पर उस समय हुई, जब असम राइफल्स का काफिला नियमित गश्त और ड्यूटी के तहत इलाके से गुजर रहा था। विस्फोट के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO) के अनुसार, यह विस्फोट चुमौकेदिमा जिले के शोखुवी (सुखोवी) के समीप हुआ, जहां असम राइफल्स का एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र भी स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे पहले से लगाए गए संदिग्ध आईईडी के जरिए सुरक्षाबलों के वाहन काफिले को निशाना बनाया गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी चपेट में आने से एक जवान ने मौके पर ही वीरगति प्राप्त कर ली, जबकि चार अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और आसपास के जंगलों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। सर्च ऑपरेशन में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी लगाया गया है ताकि हमलावरों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी मार्गों पर निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी उग्रवादी या विद्रोही संगठन ने नहीं ली है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न आतंकी और उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर विस्फोट के प्रकार, इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुट गई है।