आंध्र प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन आरएफ.5' की दस्तक,सरकार अलर्ट,जानें कितने गंभीर हैं लक्षण
अमरावती। आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोरोना वायरस के बदलते रूप ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में हाल ही में सामने आए कोविड-19 के मामलों में वायरस के एक नए सब-वेरिएंट 'ओमिक्रॉन आरएफ.5' की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कोविड-2 वायरस में समय के साथ हुए जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक बदलाव) के कारण यह नया सब-वेरिएंट सामने आया है, जो ओमिक्रॉन के ही वंश का हिस्सा है। तटस्थ जांच और जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद इस नए वैरिएंट की आधिकारिक पुष्टि की गई है, जिसके बाद राज्य सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब वाईएसआर कडप्पा जिले में दर्ज किए गए कोविड-19 मामलों के चार संदिग्ध सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए थे। वहां किए गए जीनोम सीक्वेंसिंग एनालिसिस (Genome Sequencing Analysis) की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से 'ओमिक्रॉन आरएफ.5' वेरिएंट की मौजूदगी पाई गई। रिपोर्ट मिलते ही आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में पुणे से प्राप्त नतीजों, नए वैरिएंट के संभावित प्रभाव और राज्य की मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों की गहन समीक्षा की गई। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए. विष्णुवर्धन ने स्वास्थ्य मंत्री को आश्वस्त करते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आरएफ.5 को एक स्टैंडर्ड वैरिएंट के तौर पर वर्गीकृत किया है। राहत की बात यह है कि अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि यह वायरस इंसानों में गंभीर स्वास्थ्य दिक्कतें या जटिलताएं पैदा करता है। अधिकारियों के मुताबिक, सिंगापुर और कुछ अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में पिछले कुछ समय में आरएफ.5 के अधिक मामले देखे गए हैं। हालांकि, डेटा यह दर्शाता है कि यह पूर्व में आए अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अधिक घातक या खतरनाक नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस नए सब-वेरिएंट के प्रमुख लक्षणों की सूची भी जारी की है,जो सामान्य फ्लू या पुराने ओमिक्रॉन से मिलते-जुलते हैं।
गले में खराश और लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी
हल्का से तेज बुखार और सिरदर्द
नाक बहना या नाक बंद होना
अत्यधिक थकान और शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। 'सावधान रहें लेकिन घबराएं नहीं' का मंत्र देते हुए विभाग ने पैनिक न फैलाने की अपील की है। शनिवार तक के आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने पहले ही कमर कस ली है। स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया कि राज्य के सभी प्रमुख टीचिंग हॉस्पिटल्स (शिक्षण अस्पतालों) में विशेष कोविड वार्ड तैयार कर दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या मामलों में अचानक बढ़ोतरी से निपटने के लिए अस्पतालों को पूरी तरह चाक-चौबंद किया गया है। वर्तमान में कोविड मामलों का त्वरित पता लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग किट, दवाइयाँ और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रहा है।