नीट-यूजी री-एग्जाम आज: बिहार के 331 केंद्रों पर 1.56 लाख छात्र देंगे परीक्षा, सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

NEET-UG re-exam today: 1.56 lakh students to take the test at 331 centers in Bihar; unprecedented security arrangements in place.

पटना। पेपर लीक विवाद के साए से बाहर निकलते हुए चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा नीट-यूजी आज बिहार में नए सिरे से आयोजित हो रही है। सूबे के 35 प्रमुख शहरों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ कड़ी सुरक्षा और कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। इस दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) में राज्य भर से कुल 1,56,061 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 81,165 छात्र और 74,896 छात्राएं अपनी किस्मत आजमाएंगे। हमेशा की तरह राजधानी पटना इस महा-परीक्षा का मुख्य गढ़ है, जहाँ सबसे अधिक 95 परीक्षा केंद्रों पर 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा निर्धारित समय सारणी के अनुसार, परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी। हालांकि, परीक्षा की शुचिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए इस बार प्रवेश नियमों में भारी सख्ती की गई है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर अंतिम प्रवेश दोपहर 1:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद एक मिनट की भी देरी होने पर किसी भी परिस्थिति में एंट्री नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की त्रिस्तरीय सघन जांच (बायोमेट्रिक और मेटल डिटेक्टर से) की जाएगी। किसी भी तरह की तकनीकी या सुरक्षा खामी से बचने के लिए शनिवार को ही सूबे के सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल और ट्रायल रन पूरा कर लिया गया था, ताकि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और प्रवेश प्रक्रिया को परखा जा सके।

बिहार सरकार ने इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पूरे राज्य में 'निःशुल्क बस यात्रा' की घोषणा की है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की लगभग 1500 बसें इस सेवा में लगाई गई हैं, जिनमें एसी, नॉन-एसी, डीलक्स, लग्जरी, इलेक्ट्रिक और विशेष रूप से छात्राओं के लिए 'पिंक' बसें शामिल हैं। अभ्यर्थी अपना वैलिड एडमिट कार्ड दिखाकर इन बसों में बिल्कुल मुफ्त सफर कर सकते हैं। बस कंडक्टर द्वारा उन्हें शून्य (0) मूल्य का टिकट जारी किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मुफ्त सुविधा केवल परीक्षार्थियों के लिए है; उनके साथ आने वाले अभिभावकों या परिजनों को सामान्य किराया चुकाना होगा। बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, छात्रों को छोड़ने आने वाले अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर की दूरी पर विशेष छायादार प्रतीक्षा स्थल (टेंट व शामियाने) बनाए गए हैं ताकि उन्हें तपती धूप में परेशान न होना पड़े। वहीं, परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान या संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए आज राज्यभर के सभी निजी कोचिंग संस्थान पूरी तरह से बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। बीते 3 जून को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक के गंभीर आरोपों के कारण रद्द कर दी गई थी। इस बार ऐसी किसी भी चूक से बचने के लिए एटीए और जिला प्रशासन ने अभूतपूर्व सतर्कता बरती है। इस बार प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्हें वायु सेना के विशेष विमान के जरिए बीते 16 जून को ही पटना लाया गया था। पटना पहुंचने के बाद, बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में प्रश्नपत्रों के बक्से दरभंगा, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिलों के अधिकृत प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए, जिन्हें परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले कड़ी निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।