नीट री-एग्जामः कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही परीक्षा! देर से पहुंचे अभ्यर्थियों को नहीं मिली एंट्री, रोने लगीं छात्राएं! बुर्का विवाद भी आया चर्चा में
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG री-एग्जाम रविवार को दोपहर 2 बजे से देशभर के हजारों परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गई। पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद पूर्व में आयोजित परीक्षा रद्द होने के कारण इस बार परीक्षा को लेकर छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन के बीच विशेष सतर्कता देखने को मिली। सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। नकल रोकने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए 51 हजार से अधिक जैमर्स लगाए गए हैं। परीक्षा से पहले 20 जून को मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी, ताकि सभी व्यवस्थाओं की जांच की जा सके।
देर से पहुंचे छात्रों को नहीं मिली एंट्री
परीक्षा शुरू होने से पहले कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आए, जहां अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके और उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया। कर्नाटक के एक परीक्षा केंद्र से छात्राओं के फूट-फूटकर रोने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बताया गया कि परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय के बाद पहुंचने के कारण उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। एनटीए के नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे, जिसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
बेंगलुरु में गेट फांदकर घुसने की कोशिश
बेंगलुरु में एक अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने के बाद अंदर जाने के लिए दीवार और गेट फांदने का प्रयास किया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोक लिया और निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी।
भोपाल में हादसे के बाद भी नहीं मिली राहत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी दो छात्र परीक्षा केंद्र तक देर से पहुंचे। परिजनों के अनुसार परीक्षा केंद्र जाते समय उनका सड़क हादसा हो गया था, जिसके कारण उन्हें प्राथमिक उपचार लेना पड़ा। छात्र के चाचा आमिर कादरी ने बताया कि दुर्घटना के चलते थोड़ी देरी हुई, लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने के बावजूद अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया।
बुर्का पहनकर पहुंची छात्रा ने लगाए आरोप
राजस्थान के ब्यावर से परीक्षा देने पहुंची छात्रा कुलसुम बानो ने परीक्षा केंद्र पर बुर्का पहनने को लेकर विवाद का आरोप लगाया। छात्रा का कहना है कि जब वह परीक्षा केंद्र पहुंची तो पहले उससे दुपट्टा हटाने को कहा गया और बाद में बुर्का उतारने की बात कही गई। कुलसुम बानो ने दावा किया कि 3 मई को आयोजित पिछली परीक्षा में भी उन्होंने यही परिधान पहना था और तब किसी प्रकार की आपत्ति नहीं की गई थी। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। हालांकि परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नागपुर में परीक्षा दे रहा वह छात्र जिसका सेंटर पहुंच गया था अबू धाबी
नीट अभ्यर्थी अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब भी इस बार चर्चा में रहा। इससे पहले उसने दावा किया था कि उसका परीक्षा केंद्र गलती से अबू धाबी आवंटित कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद एनटीए ने उसकी शिकायत का समाधान किया और अब वह नागपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा है।
छात्रों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लिया विशेष निर्णय
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। पश्चिम बंगाल दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन सीधे अपने आवास के लिए रवाना नहीं हुए। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही रुकने का फैसला किया ताकि उनके काफिले की आवाजाही के कारण राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक प्रभावित न हो और परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने के बाद ही प्रधानमंत्री एयरपोर्ट से अपने आवास के लिए रवाना हुए। इस फैसले की सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, जैमर्स, विशेष जांच दल और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में परीक्षा कराई जा रही है। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।