Oct 08, 2026 Login
Awaaz24x7-government

नैनीताल:डॉ आर एस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में क्लाइमेट चेंज अडॉप्टेशन एंड डिसास्टर रिस्क रिडक्शन फ़ॉर रेसिलियेन्ट फ्यूचर विषयक कार्यशाला का हुआ आयोजन,आपदा को लेकर किया गया गहन मंथन

Nainital: Workshop on Climate Change Adaptation and Disaster Risk Reduction for Resilient Future was organized at Dr. R.S. Tolia Uttarakhand Administration Academy, discussions were held on disaster.

डॉ० आर. एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान मे सोमवार को 02 दिवसीय Climate Change Adaptation & Disaster Risk Reduction for Resilient Future"विषयक कार्यशाला का आयोजन अकादमी, नैनीताल में महानिदेश बीपी पाण्डेय, पर्यावरण प्रेमी श्री चण्डी प्रसाद भट्ट, आईएएस एक्जिटीव डायरेक्ट एनआईडीएम राजेन्द्र रतनू एडवाइजर एनआईडीएम महानिदेशक प्रो0 संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करते हुए सत्र का उद्घाटन किया।

       हिमालयी राज्यों की आपदाओं के परिप्रेक्ष्य के सम्बन्ध में कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 150 वैज्ञानिक सामाजिक एवं अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इस कार्याशाला में हिमालय राज्यों में निरन्तर जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं के न्यूनीकरण एवं पर्वतीय राज्यों को आपदा या उसके परिणामों के जोखिम को कम करने व रोकने पर गहन मंथन एवं विचार विमर्श किया गया। जिसमें भविष्य में आपदाओं के प्रति सजग बनाने पर विशेषज्ञों एवं आपदा प्रबन्धन न्यूनीकरण से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिभाग करते हुए अपने सुझाव एवं विचार रखे। जिसमें पर्वतीय एवं शहरीकरण में आपदा के दौरान जोखिम को कम करने और रोकने के लिए आपदा प्रबन्धन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस बल, सेना बल के अलावा स्थानीय स्तर पर ग्रामीण महिला मंगलदल, पीआरडी, ग्राम प्रेहरी, युवा मंगलदल, महिला स्वंय समूह सहायता दलों, जनप्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण देने पर बल दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यशाला में आपदा मेंगजमेंट पर एक रूपता बनाने, जनवायु परिर्वतन से होने वाली आपदाओं की घटनाओं को रोकने, एक रूपता डिजार्स्ट मैनेंजमैंट प्लान बनाने पर भी चर्चा-परिचर्चा की गई। इसके अलावा कार्यशाला के दौरान प्राकृति आपदा से निपटने के उपयों पर समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम करने, आपदा प्रबन्धन जलवायु परिवर्तन और इससे जुड़े विषयों और आपदा से निपटने के उपायों पर भी चर्चा  एव अपने-अपने अनुभव साझा किए। 

     इस अवसर पर संयुक्त निदेशक प्रकाश चन्द्र, जिलाधिकारी बागेश्वर अनुराधा पाल, फार्मर एपीसीसीएफ एके सिंह, डॉ मनोज खरे, बी सीमाहदरी राव, आनन्द शर्मा, सेवानिवृत प्रो0 बीएस कोटिया, सेवानिवृत ईग्नू प्रो0 डॉ प्रदीप साहनीय, डॉ पवन कुमार, डॉ प्रियंका त्यागी, सेवानिवृत एसएसजे यूिनवर्सिटी अल्मोड़ प्रो0 जेएस रावत के साथ वरिष्ठ संकाय सदस्यों सहित राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान से जुड़े अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ सामाजिक कार्यकर्ताओं,सम्बन्धित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।