नैनीताल:गैस सिलेंडर को लेकर महिलाओं ने किया बवाल!गाड़ी घेरकर चाबी छीनी,घंटों फंसे रहे कर्मचारी,गैस एजेंसियों ने रोकी सप्लाई,वितरकों ने सुरक्षा मांगी
नैनीताल।
शहर में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत अब टकराव की स्थिति तक पहुंच गई है। लगातार बाधित आपूर्ति और लंबा इंतजार झेल रहे उपभोक्ताओं, खासकर महिलाओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब गैस वितरण के दौरान हनुमान मंदिर स्टॉफ हाउस क्षेत्र में गैस की गाड़ी को घेर लिया गया। इस घटना के बाद गैस वितरकों ने सुरक्षा की मांग करते हुए आपूर्ति रोक दी है, जिससे संकट और गहरा गया है।

मामले पर गैस वितरक जगदीश कन्याल ने वीडियो बयान में पूरी घटना का सिलसिलेवार विवरण देते हुए बताया कि एक दिन पहले ही प्रबंधन द्वारा सूचित कर दिया गया था कि अगले दिन 40 सिलेंडर हनुमान मंदिर क्षेत्र में भेजे जाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार जब गैस की गाड़ी वहां पहुंची और 40 सिलेंडरों का वितरण शुरू हुआ, तो वितरण के बाद करीब 15-16 महिलाएं मौके पर पहुंच गईं।
उनके अनुसार, “हमारे मुंशी, ड्राइवर और दो मजदूर—कुल चार लोग वहां गए थे। तभी कुछ महिलाओं ने गाड़ी को घेर लिया, कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और गाड़ी की चाबी छीन ली। करीब 4-5 घंटे तक चाबी उनके पास रही, जिससे हमारे कर्मचारी वहीं फंसे रहे।” उन्होंने आगे बताया कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें कई बार डायल 112 पर कॉल करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कन्याल ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। “ऐसे माहौल में हम कब तक गैस वितरण कर पाएंगे? हमारे कर्मचारी जब भी किसी क्षेत्र में गैस लेकर जाते हैं, उन्हें डर और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है,” उन्होंने चिंता जताई।

घटना के बाद गैस वितरकों ने मल्लीताल कोतवाली के बाहर गैस से भरे वाहनों को खड़ा कर सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती और सुरक्षा का पुख्ता आश्वासन नहीं मिलता, तब तक नगर में गैस वितरण नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, स्थानीय महिलाओं का कहना है कि कई दिनों से गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने विरोध किया। अब इस पूरे विवाद में आम उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। शहरवासियों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह जल्द हस्तक्षेप कर हालात सामान्य कराए और गैस आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू हो सके।