उत्तराखण्डः कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत! सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब तलब, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने फिलहाल याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए तीन नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। मामले के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में गिरधारी लाल साहू की ओर से कहा गया है कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी और तब से वह अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं। वहीं, दर्ज मुकदमे में उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने खुद को अविवाहित बताकर शादी की, जबकि वह पहले से विवाहित थे। इसके अलावा, याचिका में आरोप लगाया गया है कि जालसाजी कर उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए और उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पदों से हटा दिया गया। साथ ही, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी पत्नी रेखा आर्या के मंत्री बनने के बाद 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की गई। उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इन मामलों के विरोध के चलते उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कोई राहत नहीं दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता से तीन नवंबर तक जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी।