नैनीतालः मौसम ने तोड़ी किसानों की कमर! बारिश और ओलावृष्टि से खेतों और बागानों में भारी तबाही, आलू, मटर और गेहूं की फसल बर्बाद

Nainital: The weather has wreaked havoc on farmers! Rain and hailstorms have wreaked havoc on farms and orchards, destroying potato, pea, and wheat crops.

नैनीताल। नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में अचानक हुई बारिश और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मौसम के इस बदले मिजाज ने खेतों और बागानों में भारी तबाही मचा दी है। आलू, मटर और गेहूं की फसल जहां लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, वहीं सेब, आड़ू, प्लम और खुमानी के फूल भी ओलों की मार से झड़ गए हैं, जिससे फलों के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय इलाकों खासकर रामगढ़, मुक्तेश्वर, धारी और ओखलकांडा में हालात बेहद खराब बताए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों को प्रदेश का प्रमुख फ्रूट बेल्ट माना जाता है, जहां इस समय पेड़ों पर फूल आ चुके थे। लेकिन तेज ओलावृष्टि ने इन फूलों को जमीन पर गिरा दिया, जिससे इस साल फलों की पैदावार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पिछले कुछ वर्षों से सर्दियों में कम बर्फबारी और बारिश के कारण पहले ही सूखे जैसे हालात बने हुए थे, जिससे सेब उत्पादन में गिरावट देखने को मिल रही थी। ऐसे में इस बार अप्रैल में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। स्थानीय किसान चंदन नयाल का कहना है कि यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि पूरे साल की मेहनत और उम्मीदें बर्बाद हो गई हैं। इसका सीधा असर हमारे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और रोजी-रोटी पर पड़ेगा। ओलों की मार इतनी जबरदस्त रही कि पेड़ों से फूल और कच्चे फल टूटकर जमीन पर बिछ गए। खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह चौपट हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कृषि और उद्यान विभाग की टीमें तुरंत गांव-गांव जाकर नुकसान का आकलन करें और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। वहीं प्रशासन की ओर से भी स्थिति का जायजा लेने की बात कही गई है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नुकसान का आकलन कर किसानों को उचित राहत दी जाएगी। फिलहाल, इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर पहाड़ी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।